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ईरान को ट्रंप का अल्टीमेटम: 48 घंटे में नहीं खुला होर्मुज स्ट्रेट तो खाक हो जाएंगे तेल और गैस प्लांट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम दिया है। 6 अप्रैल तक समझौता न होने की स्थिति में अमेरिका ने ईरान के तेल और गैस बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने की सीधी सैन्य धमकी दी है।

Published On: अप्रैल 5, 2026 1:15 अपराह्न
ईरान को ट्रंप का अल्टीमेटम: 48 घंटे में नहीं खुला होर्मुज स्ट्रेट तो खाक हो जाएंगे तेल और गैस प्लांट

HIGHLIGHTS

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने 6 अप्रैल तक की समय सीमा तय की, समझौते से इनकार पर तबाही की चेतावनी।
  • होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति संकट गहराया, ट्रंप ने सैन्य विकल्प खुला रखा।
  • ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज किया, युद्ध जारी रखने की बात कही।

वॉशिंगटन/तेहरान, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक तेवरों से ईरान के खिलाफ जंग का बिगुल फूंक दिया है। पिछले कुछ दिनों से जारी कूटनीतिक कोशिशों और समझौते की उम्मीदों को करारा झटका लगा है, क्योंकि ट्रंप ने अब ईरान को घुटने टेकने के लिए महज 48 घंटे का वक्त दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि अगर 6 अप्रैल तक ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से पाबंदियां नहीं हटाईं और शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो अमेरिका भीषण सैन्य कार्रवाई करेगा।

खलीज टाइम्स और अल जजीरा जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया घरानों की हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अपनी सीमाओं पर पहले ही मिसाइल डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।

ट्रंप के इस अल्टीमेटम ने मिडिल ईस्ट में तनाव को उस स्तर पर पहुंचा दिया है, जहां से वापसी अब नामुमकिन नजर आ रही है। दोनों ही देश युद्धक्षेत्र से कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं हैं और युद्धविराम की किसी भी शर्त पर फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बेहद सख्त लहजे में एक पोस्ट साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय तेजी से हाथ से निकल रहा है और यह कोई मजाक नहीं है। ट्रंप ने लिखा कि ईरान के पास समझौता करने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने के लिए अब केवल 48 घंटे बचे हैं।

ट्रंप ने सीधे शब्दों में धमकी दी है कि अगर यह डेडलाइन पार हुई, तो अमेरिकी सेना कहर बनकर टूटेगी और ईरान के तेल व गैस प्लांट्स को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया जाएगा।

दरअसल, अमेरिका ने इस संकट को सुलझाने के लिए ईरान के सामने एक 15 सूत्रीय प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव में परमाणु समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कड़ी शर्तें शामिल थीं, जिन्हें मानने के लिए ईरान को 10 दिन का समय दिया गया था।

ईरान ने न केवल इस शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया, बल्कि यह भी कह दिया कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला अब सिर्फ तेहरान करेगा। ईरान की इसी ‘अकड़’ ने ट्रंप के धैर्य का बांध तोड़ दिया है।

रणनीतिक रूप से देखा जाए तो ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया की सबसे संवेदनशील समुद्री रग है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह संकरा जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का लाइफलाइन है। दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

अगर ईरान इसे बंद रखता है, तो न केवल अमेरिका बल्कि भारत, चीन और यूरोप समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। ट्रंप का कहना है कि वे बल प्रयोग कर इसे मिनटों में खुलवा सकते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि ईरान खुद जिम्मेदारी ले, अन्यथा अंजाम भुगतने को तैयार रहे।

Ansh Goyal

अंश गोयल 'दून हॉराइज़न' में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ (International Desk) की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैश्विक राजनीति, युद्ध के हालात, कूटनीति (Diplomacy) और ग्लोबल इकॉनमी पर उनकी गहरी पकड़ है। अंश का मुख्य फोकस अमेरिका, रूस, मध्य पूर्व और पड़ोसी देशों की हलचल का भारतीय दृष्टिकोण से सटीक विश्लेषण करना है। विदेशी मंचों पर भारत के बढ़ते दबदबे और वैश्विक नीतियों का आम आदमी पर पड़ने वाले प्रभाव को वे बेहद सरल हिंदी में समझाते हैं। उनकी डीप-रिसर्च वाली रिपोर्टिंग पाठकों को दुनिया भर की विश्वसनीय खबरें प्रदान करती है।

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