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Uttarakhand BJP Strategy : हैट्रिक के लिए दिल्ली में भाजपा का मंथन, हारी हुई 23 सीटों और ‘जेन-जी’ पर बना नया प्लान

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने नई दिल्ली में रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित बड़े नेताओं को हारी हुई 23 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है और युवाओं को साधने पर पूरा जोर लगा दिया है।

Uttarakhand Elections: BJP Assigns 23 Lost Seats to Ministers and MPs

HIGHLIGHTS

  • हारी हुई 23 सीटों पर बड़े नेताओं की तैनाती
  • सीएम धामी को खटीमा जिताने का टास्क मिला
  • नीट विवाद के बाद जेन-जी पर फोकस बढ़ा
  • गुटबाजी खत्म कर समन्वय बनाने के निर्देश

देहरादून, 6 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand BJP Strategy : उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। छह महीने से भी कम समय बचे होने के कारण दिल्ली में पार्टी आलाकमान ने राज्य कोर ग्रुप के साथ एक लंबी और अहम बैठक की है। 11 अशोक रोड स्थित पुराने मुख्यालय पर हुई इस बैठक में चुनावी रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया।

इस हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की। उनके साथ राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट मौजूद रहे। आलाकमान ने राज्य इकाई को स्पष्ट कर दिया है कि जमीनी स्तर पर एकजुटता के बिना चुनाव जीतना संभव नहीं होगा। नेताओं को ज्यादा से ज्यादा समय जनता के बीच गुजारने का फरमान सुनाया गया है।

पार्टी का सबसे बड़ा फोकस उन 23 सीटों पर है जहां पिछले चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बैठक के बाद जो जानकारी दी, उसके मुताबिक इन सभी हारी हुई सीटों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सांसदों को सौंप दी गई है। हर एक सीट पर संगठन के एक कद्दावर नेता की सीधी नजर रहेगी। आलाकमान इस बार किसी भी कीमत पर इन सीटों को अपने पक्ष में करना चाहता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा सीट जिताने का टास्क दिया गया है। गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी को बदरीनाथ सीट की पूरी जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट खुद पिरान कलियर सीट पर भाजपा की जीत का ताना-बाना बुनेंगे। इसी तर्ज पर बाकी बची 20 सीटों का जिम्मा भी अलग-अलग सांसदों और कैबिनेट मंत्रियों के सुपुर्द कर दिया गया है।

युवा वोटर, विशेषकर जेन-जी (Gen-Z) भाजपा के लिए चिंता का एक नया विषय बनकर उभरे हैं। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर जो बड़ा आंदोलन हुआ, उसने इस युवा वर्ग की नाराजगी को सतह पर ला दिया है। सत्तारूढ़ दल को इस बात का अहसास है कि आगामी चुनाव में यह युवा आक्रोश उनके वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा सकता है। पार्टी नेतृत्व ने युवाओं की इस नाराजगी का गंभीरता से संज्ञान लिया है।

जेन-जी वोटरों को साधने के लिए आलाकमान ने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा है। पार्टी राज्य की हर विधानसभा सीट पर विशेष युवा सम्मेलन आयोजित करेगी। पुराने और निष्क्रिय हो चुके कार्यकर्ताओं को घर से बाहर निकालकर इन कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। ये कार्यकर्ता सीधे जेन-जी वोटरों से संवाद करेंगे और उनके बीच जाकर सरकार का पक्ष रखेंगे।

बैठक के भीतर आलाकमान ने राज्य नेतृत्व को गुटबाजी को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। पार्टी मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य में किसी भी स्तर पर खेमेबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार और संगठन को एक साथ मिलकर आम जनता तक पहुंचना होगा। मंत्रियों को संगठन के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की हिदायत दी गई है।

लगातार दो बार सत्ता में रहने के कारण उत्पन्न होने वाले सरकार विरोधी माहौल (एंटी-इनकम्बेंसी) पर भी खुलकर चर्चा हुई। नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता की नाराजगी को हल्के में न लें। लोगों के बीच जाएं, उनकी बात सुनें और उन्हें सरकार की उपलब्धियों से दोबारा कनेक्ट करें। लोगों की छोटी-बड़ी शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने का दबाव सरकार पर बनाया गया है।

चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है। इसे देखते हुए पार्टी ने हर एक बूथ को अलग-अलग लक्ष्य बनाकर रणनीति लागू करने का फैसला किया है। राज्य भर में लाभार्थी सम्मेलनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पिछले राज्य दौरे पर जो टास्क सौंपे थे, उनकी विस्तृत प्रगति रिपोर्ट भी इस बैठक में तलब की गई।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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