देहरादून, 30 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand News : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 4 जुलाई को अपने कार्यकाल के पांच साल पूरे करने जा रहे हैं। राज्य भर में इस दिन से 15 दिनों का विशेष सेवा पखवाड़ा शुरू होगा और अधिकारी गांवों में जाकर जनता की समस्याएं सुनेंगे। शासन ने सभी संबंधित विभागों को कैंप लगाने के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिले, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का जाल बिछने वाला है। ‘जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार’ अभियान का पार्ट-2 धरातल पर उतरेगा जिसमें तमाम विभागीय अधिकारी और कर्मचारी अपनी कुर्सी छोड़कर सीधे आम लोगों के बीच पहुंचेंगे। जनता को छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

4 जुलाई 2021 को संभाली थी कमान
सियासी गलियारों में तीरथ सिंह रावत की जगह लेने के बाद पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी आलाकमान ने धामी के नाम पर ही मुहर लगाई। 4 जुलाई 2026 को उनका यह राजनीतिक सफर पांच साल का हो जाएगा।
सचिवालय से सभी सक्षम अधिकारियों को इन शिविरों में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का फरमान जारी हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिलना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। जनपदों में तैनात अधिकारी अब खुद मौके पर जाकर जन शिकायतों का तुरंत विधिक निस्तारण करेंगे।

पिछले अभियान का रिपोर्ट कार्ड
दिसंबर 2025 में राज्य सरकार ने 45 दिनों का सघन अभियान चलाया था। उस समय 681 शिविरों का आयोजन पूरे प्रदेश में हुआ था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इन शिविरों में 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया था। यह शासन और प्रशासन का एक बड़ा जमीनी प्रयोग था।
इन 45 दिनों के भीतर करीब 33 हजार जन शिकायतों का मौके पर ही त्वरित समाधान कर दिया गया था। सरकारी तंत्र के इस मॉडल को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में सराहा गया। लोग अपनी लंबित शिकायतों और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पार्ट-2 अभियान की बाट जोह रहे हैं। अधिकारी एक बार फिर गांव की चौपालों तक पहुंचेंगे।










