देहरादून, 2 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Roadways : ट्रांसपोर्टनगर और आईएसबीटी परिसर में पिछले दो महीने से वेतन का इंतजार कर रहे रोडवेज कर्मचारियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया और उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दो-दो घंटे का सांकेतिक धरना दे दिया। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने सख्त लहजे में साफ कर दिया है कि वेतन खाते में क्रेडिट न होने तक उनका यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
प्रदेश महामंत्री दिनेश पंत और प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुराग नौटियाल की मौजूदगी में क्षेत्रीय मंत्री दिनेश सती और भूपेंद्र बड़ोला ने ट्रांसपोर्टनगर में कर्मचारियों की भारी भीड़ को संबोधित किया। आईएसबीटी परिसर में शाखा मंत्री विक्रांत खत्री और अध्यक्ष अतुल पोखरियाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। प्रबंधन ने अभी तक इन कर्मचारियों को कोई ठोस जवाब नहीं दिया है।
सचिवालय में बुधवार को बोर्ड के अध्यक्ष एल फैन्नई की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में 814 नई बसें खरीदने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। रोडवेज अब हर बार नई बसों के लिए बोर्ड के सामने प्रस्ताव लाने की जटिल प्रक्रिया से बचते हुए एक ही बार में इतनी बड़ी फ्लीट खरीदने की अनुमति ले चुका है। जैसे-जैसे पुरानी बसें नीलाम होकर हटेंगी, नई बसें फ्लीट में जुड़ती जाएंगी।
पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए 814 बसों की खरीद का एक विशेष और तकनीकी फार्मूला तैयार किया गया है। रोडवेज बेड़े में 580 छोटी बसें शामिल की जाएंगी जिनमें 32 से 34 सीटें होंगी जबकि मैदानी रूट के लंबे सफर के लिए 50 सीटर क्षमता वाली 234 बड़ी बसें खरीदी जाएंगी। एमडी रीना जोशी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी इस पूरी बोर्ड बैठक में मौजूद रहे।
कैबिनेट ने बीते 30 अप्रैल को ही 250 बसें खरीदने की संस्तुति दे दी थी जिस पर अब तेजी से विधिक कार्रवाई और खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। तकनीकी कैडर के खाली पड़े 250 से ज्यादा पदों को भरने के लिए स्थायी नियुक्तियां होने तक आउटसोर्स माध्यम से मैकेनिक और वेल्डर रखे जाएंगे। आउटसोर्स एजेंसी के साथ सीधी अनुबंध की फाइल को भी बोर्ड से हरी झंडी मिल चुकी है।
रोडवेज के 1839 स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। बोर्ड की आधिकारिक मुहर लगने के बाद रोडवेज में डीए 53 से बढ़कर सीधे 55 प्रतिशत हो गया है। राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता वर्तमान में 60 प्रतिशत चल रहा है जिसकी तुलना में रोडवेज कर्मियों का डीए अभी भी कम है।










