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Uttarakhand Schools Water Bell : उत्तराखंड के स्कूलों में अब बजेगी ‘वाटर बेल’, छात्रों की सेहत के लिए सरकार का बड़ा फैसला

उत्तराखंड सरकार ने बढ़ती गर्मी और लू (Heatwave) के खतरे को देखते हुए स्कूलों में 'वाटर बेल' अनिवार्य करने और जरूरत पड़ने पर समय बदलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जल संकट वाले क्षेत्रों में निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

Uttarakhand Schools Water Bell : उत्तराखंड के स्कूलों में अब बजेगी 'वाटर बेल', छात्रों की सेहत के लिए सरकार का बड़ा फैसला

HIGHLIGHTS

  • छात्रों को हाइड्रेटेड रखने के लिए स्कूलों में नियमित अंतराल पर 'वाटर बेल' बजेगी।
  • जिलाधिकारियों को स्कूलों के समय में बदलाव और निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के अधिकार दिए गए।
  • प्रदेश के हर जिले में 'हीट एक्शन प्लान' लागू होगा और हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे।

देहरादून, 16 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न) 

Uttarakhand Schools Water Bell : उत्तराखंड में बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूली छात्रों की सुरक्षा के लिए ‘वाटर बेल’ (Water Bell) पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी स्कूलों में छात्रों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वे डिहाइड्रेशन का शिकार न हों।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि गर्मियों के इस मौसम में छात्रों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जिलाधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं कि वे स्थानीय परिस्थितियों और तापमान के आधार पर स्कूलों के समय में आवश्यक बदलाव करें। साथ ही, सभी कक्षाओं में क्रॉस-वेंटिलेशन (हवा के आवागमन) की उचित व्यवस्था और स्कूलों में ओआरएस (ORS) व जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निर्माण कार्यों पर रोक और पेयजल आपूर्ति

भीषण गर्मी के साथ गहराते जल संकट को देखते हुए शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन इलाकों में पानी की भारी किल्लत है, वहां निर्माण कार्यों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी जाए। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड और बाजारों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया है।

हीट एक्शन प्लान और हॉटस्पॉट की निगरानी

राज्य से लेकर ग्रामीण स्तर तक के विभागों को तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले को अपना ‘हीट एक्शन प्लान’ तैयार करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखते हुए अस्पतालों में गर्मी से होने वाली बीमारियों (Heatstroke) के इलाज के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन उन ‘हॉटस्पॉट’ की पहचान कर रहा है जहाँ तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है।

देहरादून में तापमान का रिकॉर्ड

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार, 16 अप्रैल को शहर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री रहा। इससे पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री था, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। 14 अप्रैल को पारा 33.6 डिग्री सेल्सियस पर था।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसी पूर्वानुमान को देखते हुए शासन ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को लू से बचाव के व्यावहारिक तरीके भी सिखाएं।

तारीख अधिकतम तापमान (देहरादून) स्थिति
14 अप्रैल 33.6°C सामान्य
15 अप्रैल 35.4°C सामान्य से +3°C अधिक
16 अप्रैल 36.0°C बढ़त जारी
आगामी अनुमान +1 से 3°C की वृद्धि लू की संभावना

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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