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Uttarakhand Voter Document Verification : 11 मुख्य दस्तावेजों की जांच के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी

उत्तराखंड में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत जमा किए जा रहे दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विभिन्न विभागों के निदेशकों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में बैठक कर तय समयसीमा के भीतर कागजात जांचने के निर्देश दिए।

Uttarakhand Voter Document Verification : 11 मुख्य दस्तावेजों की जांच के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी

HIGHLIGHTS

  • मतदाता दस्तावेजों के सत्यापन को नोडल अधिकारी नियुक्त
  • निर्वाचन आयोग द्वारा तय 11 दस्तावेजों की होगी जांच
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और पंचायतीराज विभाग शामिल
  • नोटिस सुनवाई के दौरान प्रस्तुत कागजात का समय पर समाधान

देहरादून, 3 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Voter Document Verification : उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या संशोधन के लिए दिए जा रहे कागजातों के सत्यापन की गति पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रशासन ने चुनाव आयोग द्वारा स्वीकृत 11 प्राथमिक दस्तावेजों के तेजी से सत्यापन की योजना तैयार की है। इसमें मुख्य रूप से शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थाई निवास, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर जैसे संवेदनशील दस्तावेज शामिल हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सीधे निर्देश दिए हैं कि जिलों में तैनात अधिकारियों के साथ राज्य स्तर पर लगातार समन्वय बनाया जाए। सत्यापन की पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शैक्षणिक और मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्रों की सत्यता जांचने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा निदेशक और उच्च शिक्षा निदेशक को सौंपी गई है। दोनों अधिकारी अपने-अपने विभागों के माध्यम से स्कूल और यूनिवर्सिटी स्तर के रिकॉर्ड का मिलान करेंगे।

स्थाई निवास, जाति प्रमाण पत्र और भवन आवंटन से जुड़े दस्तावेजों की जमीनी पड़ताल का जिम्मा राजस्व परिषद को दिया गया है। जमीनी विवाद या पते में गड़बड़ी की शिकायतों का निवारण इसी व्यवस्था के तहत किया जाएगा।

जन्म प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए शहरी विकास निदेशक और स्वास्थ्य निदेशक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। शहरी निकायों और अस्पतालों के जन्म रिकॉर्ड का मिलान करके फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म की जाएगी।

गांवों में परिवार रजिस्टर के विवरण और भवन आवंटन के मिलान का काम पंचायती राज निदेशक देखेंगे। आईटीडीए निदेशक को ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े तकनीकी सत्यापन और डिजिटल डेटा की क्रॉस-चेकिंग की कमान सौंपी गई है।

निर्वाचन विभाग का मुख्य उद्देश्य नोटिस की सुनवाई के दौरान मतदाताओं द्वारा जमा किए गए अभिलेखों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना है। इससे किसी भी वैध नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा।

इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

बैठक में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, शहरी विकास, पंचायती राज, स्वास्थ्य, राजस्व और आईटीडीए विभाग के वरिष्ठ अफसरों ने भी भाग लिया और अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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