ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Uttarakhand Weather Alert : 27 सितंबर तक उत्तराखंड के 9 जिलों में हाई अलर्ट, रोकी गई चारधाम यात्रा

उत्तराखंड में भारी बारिश के रेड अलर्ट के बाद चारधाम, हेमकुंड साहिब और ट्रेकिंग पर रोक लगा दी गई है। गढ़वाल व कुमाऊं के जिलों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

Published On: September 26, 2026 4:25 PM
Uttarakhand Heavy Rain Red Alert

HIGHLIGHTS

  • कुमाऊं और गढ़वाल के कई जिलों में भारी से अत्यधिक बारिश का रेड अलर्ट।
  • बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब यात्रा अस्थाई तौर पर रोकी गई।
  • पहाड़ों पर सभी ट्रेकिंग रूट्स पर अग्रिम आदेश तक आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित।
  • विभिन्न सुरक्षित होल्डिंग एरिया और पड़ावों पर रोके गए तीर्थयात्री।
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिकों से गैर-जरूरी यात्राएं टालने की अपील की।

दून हॉराइज़न, देहरादून (26 सितंबर) : बादलों के तेज जमावड़े और मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी (Uttarakhand Weather Alert) के बीच उत्तराखंड शासन ने चारधाम यात्रा (Chardham Yatra), सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब और सभी प्रमुख ट्रेकिंग अभियानों को फौरी तौर पर रोक दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के बाद शासन ने किसी भी संभावित आपदा से बचने के लिए यह कदम उठाया।

पहाड़ों पर सफर इस वक्त बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। लगातार हो रही बारिश से नेशनल हाईवे और संपर्क मार्गों पर भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड का जोखिम कई गुना बढ़ चुका है।

गढ़वाल कमिश्नर का फैसला: पहले होल्डिंग एरिया की योजना, फिर पूरी रोक

शुक्रवार को गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों संग वर्चुअल बैठक की थी। शुरुआत में तय हुआ था कि यात्रा को पूरी तरह स्थगित न करते हुए यात्रियों को ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और जोशीमठ जैसे निकटवर्ती होल्डिंग एरिया में ही रोका जाए। लेकिन मौसम का मिजाज तेजी से बिगड़ा। गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों पर बने घने बादलों ने प्रशासन को रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया।

गढ़वाल कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि जब तक मौसम अनुकूल नहीं होता, तब तक ऋषिकेश और हरिद्वार के प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स से श्रद्धालुओं को आगे न भेजा जाए।

आपदा प्रबंधन विभाग की निगरानी, रविवार शाम तक सामान्य होने की उम्मीद

राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक, शनिवार दोपहर से प्रभावी की गई यह रोक रविवार शाम तक या परिस्थितियां सुधरने तक लागू रहेगी। सुमन ने बताया कि दोपहर तक मौसम अपेक्षाकृत स्थिर दिखा था, लेकिन शाम होते-होते क्लाउड फॉर्मेशन काफी सघन हो गया। ऐसी स्थिति में केदारघाटी और बदरीनाथ मार्ग पर अचानक बोल्डर गिरने या गदेरों में उफान आने का खतरा रहता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राज्यवासियों और पर्यटकों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। उन्होंने अपील की है कि जब तक मौसम सामान्य न हो, तब तक संवेदनशील पहाड़ी इलाकों की यात्रा से पूरी तरह बचें।

कुमाऊं से गढ़वाल तक रेड अलर्ट, जिलों में 24 घंटे सतर्कता

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 सितंबर को कुमाऊं मंडल के लगभग सभी जिलों—पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है।

वहीं 27 सितंबर को यह दायरा गढ़वाल की ओर फैल रहा है, जहां देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि संवेदनशील हाईवे बंद होने की स्थिति में जेसीबी और राहत दल तुरंत सक्रिय हो सकें।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment