International Women’s Day : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की समस्त मातृशक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं हमेशा से परिश्रम, त्याग और समर्पण का प्रतीक रही हैं।
उन्होंने राज्य आंदोलन से लेकर वर्तमान विकास यात्रा तक में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य की सामाजिक संरचना को मजबूत करने में महिलाओं का योगदान अतुलनीय है।
लखपति दीदी योजना और आर्थिक सशक्तिकरण के आंकड़े
मुख्यमंत्री ने राज्य में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 5 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
लखपति दीदी (Lakhpati Didi) योजना के तहत राज्य की 2 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित होकर आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो चुकी हैं। कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए भी महिलाओं की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नौकरियों में आरक्षण और UCC का प्रभाव
पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए आरक्षण नीति पर प्रकाश डाला। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30% और सहकारी समितियों में 33% आरक्षण की व्यवस्था लागू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का क्रियान्वयन राज्य की महिलाओं से किया गया एक बड़ा वादा था। यह कानून महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेश की सभी महिलाओं के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सक्रिय सहयोग से ही उत्तराखंड आने वाले समय में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने में सफल होगा।








