ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Uttarkashi Earthquake : उत्तराखंड में फिर थर्राई धरती! उत्तरकाशी में भूकंप के झटकों से सहमे लोग, घरों से निकले बाहर

उत्तरकाशी के भटवाड़ी इलाके में रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया है कि पिलंग गांव के पास आए इस भूकंप से जिले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।

Uttarkashi Earthquake : उत्तराखंड में फिर थर्राई धरती! उत्तरकाशी में भूकंप के झटकों से सहमे लोग, घरों से निकले बाहर

HIGHLIGHTS

  • उत्तरकाशी के भटवाड़ी विकासखंड में हिली धरती।
  • रिक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज हुई भूकंप की तीव्रता।
  • पिलंग गांव के जंगलों में 7 किमी नीचे था केंद्र।
  • किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं।

उत्तरकाशी, 16 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarkashi Earthquake : उत्तराखंड के सीमांत जिले उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में धरती अचानक हिलने लगी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है।

झटके महसूस होते ही भटवाड़ी इलाके में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात बरतते हुए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से तुरंत बाहर निकल आए। धरती कुछ ही सेकंड तक हिली और थोड़ी देर बाद हालात पूरी तरह सामान्य हो गए।

उत्तरकाशी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष ने भूकंप से जुड़े सटीक आंकड़े जारी किए हैं। भूकंप का केंद्र भटवाड़ी तहसील के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पिलंग गांव के जंगलों में था। यह केंद्र जमीन के अंदर लगभग 7 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। कम तीव्रता का भूकंप होने के कारण जिले के बाकी हिस्सों में इसका कोई व्यापक असर नहीं दिखा।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भूकंप की सूचना मिलते ही सक्रिय हो गए। जिले की अलग-अलग तहसीलों और सभी पुलिस थानों से तुरंत संपर्क साधा गया। शुरुआती रिपोर्ट में जिले के किसी भी हिस्से से जनहानि या इमारतों को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं मिली है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने भूकंप की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भटवाड़ी क्षेत्र में भूकंप के हल्के झटके लगे हैं। पिलंग गांव के जंगलों में 7 किलोमीटर नीचे आए इस भूकंप की तीव्रता 3.5 थी।

शार्दुल गुसाईं ने नुकसान का आकलन करने के लिए सभी तहसीलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। संबंधित विभागों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर उन्होंने किसी भी तरह के जानमाल या संपत्ति के नुकसान से साफ इनकार किया है। प्रशासनिक अमला लगातार पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखे हुए है।

जिला आपदा नियंत्रण कक्ष नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण भूकंप को लेकर बेहद संवेदनशील राज्य माना जाता है। इस पहाड़ी राज्य में लगातार भूकंप के झटके दर्ज किए जाते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने साल 2025 में देशभर की भूकंप संवेदनशीलता का नया मैप जारी किया था।

नए मैप के लागू होने के बाद उत्तराखंड की संवेदनशीलता श्रेणी में बड़ा बदलाव हुआ। पहले इस राज्य को भूकंप के लिहाज से जोन 4 और 5 में रखा गया था। 2025 के नए मानकों के तहत बीआईएस ने उत्तराखंड को जोन 4 और 5 से हटाकर सबसे अति संवेदनशील जोन 6 में शामिल कर दिया है।

यह भी पढ़ें : MDDA का सबसे बड़ा प्रहार! डोईवाला में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर गरजा बुलडोजर

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment