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उत्तराखंड में मौसम का कहर: रामनगर में पेड़ गिरने से 13 साल के बच्चे की मौत, हल्द्वानी मलबे में दबा परिवार

उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नैनीताल और हल्द्वानी में पेड़ तथा दीवार गिरने से एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग मलबे में दबकर घायल हो गए हैं।

उत्तराखंड में मौसम का कहर: रामनगर में पेड़ गिरने से 13 साल के बच्चे की मौत, हल्द्वानी मलबे में दबा परिवार

HIGHLIGHTS

  • रामनगर के रिंगौड़ा गांव में मकान पर पेड़ गिरने से 13 वर्षीय कार्तिक उपाध्याय की मौत।
  • हल्द्वानी के शीशमहल में झोपड़ी पर गिरी स्कूल की दीवार, एक ही परिवार के 5 लोग दबे।
  • तेज आंधी और बारिश से रुड़की और देहरादून में गेहूं की फसल बर्बाद, 20 मार्च तक अलर्ट जारी।

Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में बेमौसम बारिश और भयंकर आंधी ने भारी तबाही मचाते हुए जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक कहर बरपा है, जहां नैनीताल और हल्द्वानी में पेड़ व दीवार गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक 13 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई।

वहीं, हादसों में आधा दर्जन लोग मलबे में दबकर घायल हो गए हैं, जबकि तेज हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में गेहूं की तैयार फसल खेतों में बिछने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

नैनीताल जिले के रामनगर स्थित रिंगौड़ा गांव में रविवार रात एक विशालकाय हल्दू का पेड़ टिनशेड वाले मकान पर जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में 13 साल के कार्तिक उपाध्याय की मौके पर ही जान चली गई। हादसे के वक्त पूरा परिवार सो रहा था और मलबे में दबने से कार्तिक की मां भी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।

उधर, सोमवार रात हल्द्वानी के शीशमहल इलाके में एक स्कूल की 10 फीट ऊंची दीवार राकेश मौर्या की झोपड़ी पर ढह गई। मलबे में 62 वर्षीय बाबू राम, 6 महीने की मासूम बच्ची सहित परिवार के पांच सदस्य दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों ने सभी को रेस्क्यू कर सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां 28 वर्षीय धीरज के सिर में 24 टांके आए हैं।

तेज आंधी का सबसे बुरा असर राज्य के किसानों पर भी पड़ा है। रुड़की और देहरादून के बालावाला व नथुवावाला क्षेत्रों में गेहूं की पकी हुई फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। किसानों का अनुमान है कि 3700 रुपये प्रति बीघा की लागत वाली इस फसल का उत्पादन अब तीन क्विंटल से घटकर महज दो क्विंटल रह जाएगा, जिसके चलते उन्होंने राज्य सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है।

इसके विपरीत, कृषि अधिकारियों का मानना है कि अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे उच्च हिमालयी जिलों में गेहूं में दाना भरने के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी। हालांकि, मूसलाधार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दून में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री से लुढ़क कर 11.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की ओपीडी 2300 का आंकड़ा पार कर गई है।

पहाड़ी इलाकों में बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पौड़ी मुख्यालय और नैनीताल में पेड़ों के बिजली की लाइनों पर गिरने से 24 घंटे तक बिजली और पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप रही। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने आगे के लिए अलर्ट जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 18, 19 और 20 मार्च को भी प्रदेश भर में मौसम खराब रहेगा और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है।


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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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