Weather Update : देश के आधे से ज्यादा हिस्से में गर्मी की आहट के बीच अचानक मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी सक्रियता जैसा नजारा दिख रहा है। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह घने बादलों और बारिश की फुहारों ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 4.5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 26.8°C रिकॉर्ड किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि 21 मार्च तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में इसी तरह की हलचल बनी रहेगी। 22 मार्च से एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ फिर से दस्तक दे सकता है।
पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुल्लू, मंडी और शिमला जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां न केवल भारी बारिश बल्कि बर्फबारी की भी प्रबल संभावना है, जिससे पर्यटन स्थलों पर ठंड का अहसास फिर से बढ़ गया है। मैदानी इलाकों में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) ने दस्तक दी है, जो इस समय पककर तैयार खड़ी फसलों के लिए घातक साबित हो रही है।

महाराष्ट्र के अकोला और अमरावती क्षेत्रों से मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक, बेमौसम बारिश ने लगभग 1,400 हेक्टेयर से अधिक की फसल को नुकसान पहुँचाया है। इसमें मुख्य रूप से गेहूं, चना और फलों के बाग शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और बिहार में 21 और 22 मार्च तक आंधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत के राज्यों तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी आंधी का अलर्ट है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन से बन रहे इस ‘वेदर सिस्टम’ के कारण पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। दिल्ली में आज 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार तो होगा लेकिन यातायात बाधित हो सकता है।








