ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

क्या उत्तराखंड में लागू होगा 33% महिला आरक्षण? 28 अप्रैल को महिला आरक्षण पर छिड़ेगा सियासी घमासान

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 23 Apr 2026 07:22 PM IST

उत्तराखंड सरकार ने 28 अप्रैल को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी है। कांग्रेस ने इस कदम को राजनीतिक लाभ की कोशिश बताते हुए सरकार को राज्य में ही आरक्षण लागू करने की चुनौती दी है।

क्या उत्तराखंड में लागू होगा 33% महिला आरक्षण? 28 अप्रैल को महिला आरक्षण पर छिड़ेगा सियासी घमासान

मुख्य बातें

  • 28 अप्रैल को देहरादून में एक दिवसीय विशेष सत्र; कोई नया विधायी कार्य नहीं होगा।
  • सत्र का मुख्य एजेंडा 'नारी सम्मान लोकतंत्र में अधिकार' विषय पर चर्चा और निंदा प्रस्ताव है।
  • कांग्रेस की मांग: निंदा प्रस्ताव के बजाय विधानसभा में ही 33% आरक्षण का प्रस्ताव पारित करे सरकार।

देहरादून, 23 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 28 अप्रैल को देहरादून में आयोजित किया जाएगा। इस सत्र का मुख्य केंद्र बिंदु ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम’ और महिला आरक्षण का मुद्दा होगा। शासन की ओर से सत्र की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और प्रमुख सचिव विधायी सहदेव सिंह ने सभी विभागों के सचिवों को नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

बिना विधायी कार्य के होगी विशेष चर्चा

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस विशेष सत्र के दौरान कोई भी नया विधायी कार्य या सरकारी विधेयक पेश नहीं किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने स्पष्ट किया कि सदन में ‘नारी सम्मान लोकतंत्र में अधिकार’ विषय पर विस्तृत चर्चा होगी। सूत्रों का कहना है कि सत्ता पक्ष इस दौरान संसद में महिला आरक्षण प्रस्ताव की राह में कथित बाधा डालने के लिए विपक्ष के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव भी ला सकता है।

भाजपा का आरोप और सत्र का एजेंडा

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के असहयोग के कारण ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम’ संसद में उस स्वरूप में पारित नहीं हो सका, जिससे 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का रास्ता पूरी तरह साफ होता। अब राज्य सरकार इसी मुद्दे को आधार बनाकर सदन में विपक्ष की घेराबंदी करने की योजना बना रही है।

कांग्रेस का पलटवार: ‘विपक्ष को कोसने के बजाय आरक्षण लागू करे सरकार’

सरकार के इस कदम पर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने संयुक्त रूप से सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

गोदियाल ने कहा कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में महिला आरक्षण की पक्षधर है, तो उसे विशेष सत्र में उत्तराखंड विधानसभा के भीतर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव पारित करना चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए सत्र का उपयोग केवल दुष्प्रचार के लिए करना चाहती है।

जमीनी स्तर पर अभियान छेड़ेगी कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण 2023 में ही पारित हो चुका है, तो केंद्र सरकार इसे वर्तमान सीटों पर ही तत्काल लागू क्यों नहीं करती? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल भ्रम फैला रही है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि उसके कार्यकर्ता गांव और न्याय पंचायत स्तर तक जाकर इस मुद्दे पर भाजपा के रुख का पर्दाफाश करेंगे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment