इस्लामाबाद, 04 अप्रैल 2026 (आरएनएस)। पाकिस्तान में आसमान छूती महंगाई और पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से भड़की अवाम के सामने आखिरकार शाहबाज शरीफ सरकार को घुटने टेकने पड़े हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों और सड़कों पर उतरे उग्र प्रदर्शनकारियों के दबाव में सरकार ने रातों-रात पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती का ऐलान कर दिया है।
इस बड़े फैसले के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल की नई कीमत 378 रुपये प्रति लीटर हो गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम संबोधन में साफ किया कि यह राहत पेट्रोलियम लेवी (टैक्स) को घटाकर दी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सरकार ने यह यू-टर्न उस वक्त लिया, जब महज 24 घंटे पहले पेट्रोल के दाम 42.7 प्रतिशत बढ़ाकर 485 रुपये कर दिए गए थे।
डीजल की मार अभी भी बरकरार
एक तरफ जहां पेट्रोल पर राहत मिली है, वहीं डीजल ने अवाम की कमर तोड़ रखी है। डीजल की कीमतों में सरकार ने कोई कटौती नहीं की है, जो फिलहाल 520 रुपये प्रति लीटर के ऐतिहासिक ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और ईरान संघर्ष के कारण डीजल पर राहत देना फिलहाल संभव नहीं है।
मुफ्त बस सेवा और खास सब्सिडी का मेगा प्लान
जनता के गुस्से को ठंडा करने के लिए गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने घोषणा की है कि शनिवार से इस्लामाबाद में अगले 30 दिनों तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सफर बिल्कुल मुफ्त होगा। इस योजना से सरकारी खजाने पर 350 मिलियन रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने भी इसी तर्ज पर मेट्रो बस और ऑरेंज लाइन ट्रेन को महीने भर के लिए मुफ्त कर दिया है।
पंजाब सरकार ने मोटरसाइकिल मालिकों के लिए एक विशेष स्कीम भी लॉन्च की है, जिसमें रजिस्टर्ड यूजर्स को 20 लीटर पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की सीधी सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा, छोटे किसानों को खेती के लिए डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर की राहत देने का फैसला किया गया है।
ईंधन बचाने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ और छुट्टियां
होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे युद्ध की वजह से ऊर्जा सप्लाई चेन बुरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। तेल बचाने के लिए पाकिस्तान ने आपातकालीन कदम उठाते हुए सरकारी दफ्तरों में अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम करने का फरमान जारी किया है। स्कूलों में छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया गया है और कई क्लासेज को दोबारा ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है।
IMF की शर्तों और ईरान युद्ध का डबल अटैक
पाकिस्तान के इस संकट के पीछे आईएमएफ (IMF) की कड़ी शर्तें मानी जा रही हैं। हाल ही में आईएमएफ ने 1.2 अरब डॉलर के नए बेलआउट पैकेज के लिए सहमति जताई है, लेकिन इसके बदले सब्सिडी खत्म करने का दबाव बनाया है। लाहौर में प्रदर्शन कर रहे लोगों का सीधा आरोप है कि सरकार ईरान युद्ध का बहाना बनाकर आईएमएफ के इशारे पर जनता का खून निचोड़ रही है।











