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उत्तराखंड के दो दिग्गज विधायकों समेत 24 लोगों पर गैर जमानती वारंट जारी, 14 साल पुराना मामला

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में 14 साल पुराने मामले पर कोर्ट सख्त हो गई है। काशीपुर-जसपुर हाइवे जाम मामले में बीजेपी-कांग्रेस के मौजूदा और पूर्व विधायकों समेत 24 लोगों पर गैर जमानती वारंट जारी हुआ है।

Published On: September 18, 2026 6:29 PM
Uttarakhand MLA Non Bailable Warrant

HIGHLIGHTS

  • उधमसिंह नगर कोर्ट ने 24 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
  • मामले में भाजपा और कांग्रेस के वर्तमान व पूर्व विधायक शामिल हैं।
  • साल 2012 में काशीपुर-जसपुर हाइवे पर जाम लगाने का विवाद था।
  • हाईकोर्ट ने हाल ही में सरकार की मुकदमा वापसी की अर्जी खारिज की थी।

दून हॉराइज़न, उधमसिंह नगर (18 सितंबर) : उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में डेढ़ दशक पुराने एक सियासी विवाद ने अचानक तूल पकड़ लिया है। एक पुराने मामले में अदालत ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।

इस कार्रवाई की जद में वर्तमान विधायकों के साथ-साथ कई पूर्व विधायक भी आए हैं, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में खासी हलचल मच गई है। मामला साल 2012 का है, जब एक युवती के अपहरण के कथित विवाद को लेकर क्षेत्र का माहौल गरमा गया था।

क्या था डेढ़ दशक पुराना पूरा मामला

घटना जुलाई 2012 की है, जब दूसरे समुदाय के एक युवक पर हिंदू युवती को भगा ले जाने का आरोप लगा था। इस प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद तराई के इलाके में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इसी क्रम में 15 जुलाई 2012 को काशीपुर-जसपुर मार्ग पर बड़े पैमाने पर चक्का जाम किया गया था। पुलिस ने इस प्रदर्शन को धार्मिक भावना भड़काने और यातायात बाधित करने वाला मानते हुए कानूनी कार्रवाई की थी।

जसपुर कोतवाली में दर्ज इस मुकदमे में पुलिस ने लंबी जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके आधार पर अक्टूबर 2014 में स्थानीय अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की थी।

मुकदमा वापसी की कोशिश और अदालती पेच

समय बीतने के साथ सियासत बदली और सितंबर 2019 में तत्कालीन सरकार ने इस आपराधिक मुकदमे को वापस लेने का प्रशासनिक निर्णय लिया। इसके बाद सहायक अभियोजन अधिकारी ने अदालत में अर्जी दाखिल कर केस वापस लेने की अनुमति मांगी। हालांकि, अदालत ने इस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया, जिसके बाद आरोपियों ने निचली अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक राहत पाने की कोशिश की।

बीते 14 अगस्त को नैनीताल हाईकोर्ट ने भी मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए मुकदमा वापसी की याचिका खारिज कर दी और निचली अदालत को जल्द से जल्द ट्रायल पूरा करने के निर्देश दिए।

अब न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उठाया सख्त कदम

हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार की अदालत ने इस पुराने प्रकरण में तेजी दिखाई है। अदालत ने गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे, जसपुर से कांग्रेस विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, राजकुमार ठुकराल और बलराज पासी समेत कुल 24 नामजद लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।

इस कानूनी शिकंजे के कसने के बाद अब सभी आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं और स्थानीय पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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