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Haryana : 40 लाख टन पैदावार पर 62 लाख टन की बिक्री? चढूनी ने उठाया 5000 करोड़ के घोटाले का मुद्दा

कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपये के कथित धान घोटाले का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। गुरनाम सिंह चढूनी ने दावा किया कि उत्पादन 40 लाख टन हुआ जबकि बिक्री 62 लाख टन दिखाई गई।

Published on: January 10, 2026 8:55 PM
Haryana : 40 लाख टन पैदावार पर 62 लाख टन की बिक्री? चढूनी ने उठाया 5000 करोड़ के घोटाले का मुद्दा
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HIGHLIGHTS

  • बड़ा आरोप: प्रदेश में 40 लाख टन उत्पादन के मुकाबले 62 लाख टन धान खरीद का दावा, सीबीआई जांच की मांग।
  • ज्ञापन सौंपा: जाट धर्मशाला से लघु सचिवालय तक मार्च निकाल डीसी के माध्यम से पीएम-सीएम को भेजा ज्ञापन।
  • आगामी रणनीति: 16 जनवरी को यमुनानगर और 20 जनवरी को कैथल में होंगे बड़े प्रदर्शन।
  • निर्णायक लड़ाई: 23 मार्च को शहीद भगत सिंह जयंती पर पिपली में होगी विशाल 'किसान रैली'।

Haryana : कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) ने प्रदेश सरकार के खिलाफ ‘महाभ्रष्टाचार’ का आरोप लगाते हुए बिगुल फूंक दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में सैकड़ों किसानों ने जाट धर्मशाला से लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारी किसानों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

गणित के आंकड़ों में उलझा ‘धान घोटाला’

गुरनाम सिंह चढूनी ने मीडिया के सामने सरकार के आंकड़ों पर सीधा सवाल खड़ा किया। उन्होंने प्रदेश में करीब 5 हजार करोड़ रुपये के धान घोटाले का अंदेशा जताया है। चढूनी ने तर्क दिया कि जब प्रदेश में धान का कुल उत्पादन ही केवल 40 लाख टन हुआ, तो सरकारी रिकॉर्ड में 62 लाख टन धान की बिक्री कैसे दिखा दी गई?

उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंकड़े साफ तौर पर मिलीभगत की ओर इशारा करते हैं। मंडियों में अधिकारियों और कारोबारियों के गठजोड़ ने किसानों को लूटा है और फर्जीवाड़ा कर मोटी रिश्वत खाई है। संगठन ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है ताकि सच बाहर आ सके।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कर्ज पर सरकार को घेरा

किसानों ने केवल कृषि ही नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। चढूनी ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण स्कूलों और अस्पतालों में लूट मची है। बिजली बिल, बीज के दाम और आयात कर जैसे मुद्दों से किसान पहले ही परेशान हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि बड़े पूंजीपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, जबकि छोटे किसानों को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।

23 मार्च को पिपली में होगा ‘शक्ति प्रदर्शन’

भाकियू ने आंदोलन को तेज करने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। चढूनी ने घोषणा की कि अब हर जिले में प्रदर्शन होंगे। 16 जनवरी को यमुनानगर और 20 जनवरी को कैथल में बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।

इसके बाद, 23 मार्च को शहीद भगत सिंह की जयंती के मौके पर पिपली में एक विशाल किसान रैली आयोजित होगी। चढूनी के मुताबिक, इसी रैली में किसान अपनी निर्णायक लड़ाई का ऐलान करेंगे।

Raghubir Singh

रघुबीर सिंह एक वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें कोर न्यूज़ रिपोर्टिंग और लेखन के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वे राष्ट्रीय समाचारों के कवरेज पर कार्य कर रहे हैं। पेशेवर पत्रकारिता में प्रशिक्षित, रघुबीर ने कई प्रमुख समाचार मंचों के साथ काम किया है। वे अपनी हर खबर में सटीकता, गहराई और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। अपने सटीक विश्लेषण और ज़मीनी स्तर की रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले रघुबीर सिंह उन खबरों को पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं जो वास्तव में मायने रखती हैं और पूर्णतः विश्वसनीय होती हैं।

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