देहरादून : जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। डीएम सविन बंसल ने माजरी माफी के लेन ऋषि विहार निवासी आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा (पुत्र स्व. राम बिहारी लखेड़ा) को छह महीने के लिए जिला बदर घोषित कर दिया है।
प्रशासन को स्थानीय लोगों और खुद आरोपी की मां से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कड़ा फैसला लिया गया।
मां को पीटा, घर को बनाया नशे का अड्डा
जांच में सामने आया कि दिव्यकांत का व्यवहार अपने परिवार और समाज के लिए खतरा बन चुका था। वह अपनी ही वृद्ध मां के साथ इतनी बेरहमी से मारपीट करता था कि खौफजदा होकर बुजुर्ग मां को अपना घर तक छोड़ना पड़ा।
उसकी बदसलूकी यहीं नहीं रुकी, वह मोहल्ले की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करता था। स्थानीय निवासियों ने डीएम के सामने गुहार लगाई थी कि दिव्यकांत ने असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने घर को नशे का अड्डा बना दिया है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।
24 घंटे में छोड़ना होगा जिला
डीएम कोर्ट ने जनहित में दिव्यकांत को ‘गुंडा’ घोषित करते हुए आदेश दिया है कि वह अगले छह महीने तक देहरादून की सीमा में प्रवेश न करे। थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि नोटिस तामील कराकर आरोपी को 24 घंटे के भीतर जिले से बाहर भेजा जाए। इस दौरान उसे अपने रहने के नए ठिकाने की जानकारी पुलिस और कोर्ट को देनी होगी।
उल्लंघन करने पर तीन साल की जेल
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर आरोपी बिना अनुमति देहरादून की सीमा में कदम रखता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आदेश का उल्लंघन करने पर उसे छह महीने से लेकर अधिकतम तीन साल तक के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है। डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।















