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वास्तु के अनुसार पैसे बचाने की ये आदतें बन सकती हैं दुर्भाग्य का कारण, ला सकती हैं अशांति और नेगेटिव एनर्जी

वास्तु शास्त्र के अनुसार पैसे बचाने के चक्कर में की गई कुछ सामान्य गलतियां घर में नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक तंगी का बड़ा कारण बनती हैं। टूटी वस्तुओं का संग्रह और घर में पर्याप्त रोशनी न रखना जैसी आदतें आपकी प्रगति और सुख-समृद्धि के मार्ग में बाधा उत्पन्न करती हैं।

Published On: July 6, 2026 12:24 PM
Vastu Tips For Money

HIGHLIGHTS

  • टूटे-फूटे बर्तन और पुराने सामान का मोह वास्तु के अनुसार दरिद्रता का संकेत है।
  • घर के मुख्य द्वार और मंदिर में कम रोशनी रखना मानसिक तनाव और सुस्ती को बढ़ावा देता है।
  • बंद या धीमी घड़ियाँ जीवन की रफ्तार को धीमा कर करियर में रुकावटें पैदा करती हैं।

Vastu Tips For Money : वास्तु शास्त्र के गहरे सिद्धांतों के अनुसार, बचत करना एक गुण है, लेकिन जब यह गुण ‘कंजूसी’ या ‘अनावश्यक मोह’ का रूप ले लेता है, तो यह घर की सुख-शांति को दीमक की तरह चाटने लगता है।

अक्सर लोग आर्थिक सुरक्षा के नाम पर ऐसी वस्तुएं घर में सहेज कर रखते हैं जो वास्तव में नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बन जाती हैं। अगर आप भी पुरानी चीजों को फेंकने के बजाय उन्हें संभाल कर रखने में यकीन रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक चेतावनी है।

वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घर की ऊर्जा सीधे तौर पर हमारी जीवनशैली और वहां मौजूद वस्तुओं की स्थिति पर निर्भर करती है। यहाँ उन 4 प्रमुख आदतों का विवरण दिया गया है जिन्हें तुरंत बदलने की आवश्यकता है:

टूटी वस्तुओं और पुराने सामान का मोह

अक्सर हम भावनात्मक जुड़ाव या भविष्य में इस्तेमाल होने की उम्मीद में टूटे हुए बर्तन, फटे पुराने कपड़े या खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को घर के किसी कोने में डंप कर देते हैं।

वास्तु के नजरिए से यह ‘डेड एनर्जी’ का भंडार है। टूटे हुए शीशे या शोपीस घर के सदस्यों के बीच दरार पैदा करते हैं। समृद्धि का नियम है कि जब तक पुरानी और बेकार चीजें बाहर नहीं जाएंगी, तब तक नए अवसरों और धन का आगमन नहीं होगा।

बिजली बचाने की होड़ और घर का अंधेरा

आजकल बिजली के बढ़ते बिलों से बचने के लिए कई लोग घर के मुख्य हिस्सों में अंधेरा रखते हैं या बहुत ही कम वाट के बल्ब का इस्तेमाल करते हैं। वास्तु के अनुसार, घर का प्रवेश द्वार (Main Gate) और पूजा घर हमेशा दूधिया या सुनहरी रोशनी से जगमगाना चाहिए।

कम रोशनी न केवल आंखों पर दबाव डालती है, बल्कि यह घर में उदासी और नकारात्मकता को आमंत्रित करती है। पर्याप्त उजाला सौभाग्य का प्रतीक है, जो सकारात्मक शक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

बंद घड़ियाँ: थमा हुआ समय, थमी हुई तरक्की

वास्तु शास्त्र में घड़ी को केवल समय देखने का यंत्र नहीं, बल्कि व्यक्ति के भाग्य की गति माना गया है। पैसे बचाने या लापरवाही के कारण बंद पड़ी घड़ी को दीवार पर टंगे रहने देना आपके करियर और व्यापार में देरी (Delay) का कारण बनता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, घड़ी अगर अपनी गति से पीछे चल रही है, तो वह व्यक्ति को जीवन में पिछड़ा देती है। समय के साथ कदम मिलाकर चलना ही उन्नति की पहली सीढ़ी है।

‘क्लटर’ या कबाड़ इकट्ठा करने की प्रवृत्ति

“कभी न कभी काम आएगा” वाली सोच घरों को कबाड़खाना बना देती है। पुराने अखबारों की रद्दी, खाली डिब्बे और बेकार प्लास्टिक की बोतलें घर में वायु के प्रवाह को बाधित करती हैं।

इसे वास्तु की भाषा में ‘क्लटर’ कहा जाता है। यह अव्यवस्था न केवल मानसिक तनाव बढ़ाती है, बल्कि घर में रहने वालों की निर्णय लेने की क्षमता को भी कमजोर करती है। खाली स्थान हमेशा नई संभावनाओं के लिए जगह बनाता है, इसलिए गैर-जरूरी सामान का त्याग करना ही श्रेयस्कर है।

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Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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