home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

Bengaluru Crime : लकवाग्रस्त पति देखता रहा और लुटेरे ने रेत दिया पत्नी का गला

बेंगलुरु के नेलमंगला में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां लूट के इरादे से घुसे आरोपी ने 70 वर्षीय महिला की उसके लकवाग्रस्त पति के सामने गला रेतकर हत्या कर दी। आरोपी शिवकुमार ने महिला के शरीर से करीब 65 लाख रुपये के गहने लूट लिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वाहन नंबर की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

Published On: February 19, 2026 8:17 PM
Bengaluru Crime : लकवाग्रस्त पति देखता रहा और लुटेरे ने रेत दिया पत्नी का गला

HIGHLIGHTS

  1. बेंगलुरु के नेलमंगला स्थित हीरापुर में 70 वर्षीय शोभा की गला रेतकर नृशंस हत्या।
  2. घटना के समय मृतका का 15 साल से लकवाग्रस्त पति रंगनाथ बेड पर असहाय पड़ा रहा।
  3. आरोपी शिवकुमार ने घर से और महिला के शरीर से करीब 450 ग्राम सोना (कीमत 65 लाख) लूटा।
  4. हत्या के बाद आरोपी भीड़ में शामिल होकर तमाशा देख रहा था, जिसे सीसीटीवी की मदद से पकड़ा गया।

बेंगलुरु, 19 फरवरी 2026। कर्नाटक की राजधानी और देश के आईटी हब बेंगलुरु (Bengaluru Crime) से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शहर के नेलमंगला इलाके में एक बुजुर्ग महिला अपने ही घर में तड़पती रही और उसका गला उसके बेबस पति के सामने रेत दिया गया।

महिला के गले से खून बहता रहा, लेकिन ठीक बगल में लेटा उसका लकवाग्रस्त पति शारीरिक लाचारी के कारण कुछ भी नहीं कर सका। रात की खामोशी में अंजाम दी गई इस वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। सुबह जब डॉक्टर नियमित जांच के लिए घर पहुंचे, तो वहां का खौफनाक मंजर देख उनके होश उड़ गए।

लूट के लिए पार की दरिंदगी की हदें

पुलिस जांच और रिपोर्ट के अनुसार, लूट की नीयत से घर में घुसे आरोपी ने 70 वर्षीय शोभा को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने पहले धारदार हथियार से महिला की हत्या की और फिर काफी देर तक आराम से घर के भीतर नकदी और सोना तलाशता रहा। जब उसे अलमारियों में ज्यादा कैश नहीं मिला, तो उसने मृतका के शरीर पर मौजूद लाखों रुपये के कीमती गहने उतार लिए।

यह पूरी हैवानियत उस बुजुर्ग पति की आंखों के सामने होती रही जो पिछले 15 साल से बिस्तर पर है और खुद से हिलने-डुलने में भी असमर्थ है। लालच ने कैसे एक इंसान को दरिंदा बना दिया, यह घटना उसकी सबसे भयावह मिसाल बन गई है।

नेलमंगला के हीरापुर में पसरा मातम

बेंगलुरु के नेलमंगला स्थित हीरापुर के कोटे बीड़ी निवासी शोभा अपने पति रंगनाथ के साथ इस घर में अकेली रहती थीं। इस बुजुर्ग दंपत्ति की कोई संतान नहीं थी, जिसके कारण वे एक-दूसरे का ही सहारा थे। रंगनाथ पिछले डेढ़ दशक से पैरालिसिस (लकवा) के शिकार हैं और पूरी तरह बेड रेस्ट पर हैं। वारदात वाले दिन दोनों रोज की तरह शाम को टहलकर घर लौटे थे।

देर रात करीब 1:03 बजे आरोपी शिवकुमार घर में दाखिल हुआ और सो रही महिला पर हमला बोल दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने बेहद पेशेवर तरीके से गला रेतकर वारदात को अंजाम दिया ताकि शोर न हो सके।

सीसीटीवी और पुलिस की पैनी नजर से खुला राज

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पूरे घर की तलाशी ली। नकदी न मिलने पर उसने महिला के शरीर से सोने की चेन, कंगन और अन्य आभूषण लूटे। पुलिस के अनुसार, करीब 450 ग्राम सोना चोरी हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 65 लाख रुपये आंकी गई है। वारदात के बाद आरोपी अपनी बाइक से फरार हो गया, लेकिन उसकी यह पूरी गतिविधि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस को जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से सबसे अहम सुराग मिला, जिससे कातिल का चेहरा और बाइक का नंबर साफ हो गया।

भीड़ में शामिल होकर देख रहा था पुलिस का एक्शन

पकड़ा गया आरोपी शिवकुमार इलाके में ही एक थोक दुकान चलाता है। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक शातिर चाल चली। हत्या करने के बाद वह अगले दिन सुबह दोबारा घटनास्थल पर पहुंच गया और आम लोगों की भीड़ में खड़ा होकर पुलिस की कार्रवाई देखता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो। वह अपनी एक्टिवा से वहां से निकला था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और कैमरों के जरिए उसके वाहन का नंबर ट्रेस कर लिया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू, लूटा गया सोना, बाइक और मोबाइल फोन बरामद कर लिए।

Naveen Joshi

नवीन जोशी 'दून हॉराइज़न' के वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर हैं। पुलिस प्रशासन, कोर्ट की कार्यवाहियों और आपराधिक घटनाओं की ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्टिंग में उन्हें कई वर्षों का गहरा अनुभव प्राप्त है। नवीन का फोकस सिर्फ वारदात की सूचना देना नहीं, बल्कि उसके पीछे के कारणों और पुलिस इन्वेस्टिगेशन की तह तक जाना है। वे अपनी खबरों में हमेशा कानूनी तथ्यों (Fact-checked) और आधिकारिक पुलिस बयानों को ही प्राथमिकता देते हैं। सनसनीखेज पत्रकारिता से दूर रहकर, नवीन की संतुलित और बेबाक लेखनी समाज को जागरूक और सतर्क करने का एक अहम काम करती है।

Leave a Comment