Brain Tumor Symptoms : दौड़भाग भरी जिंदगी में सिरदर्द होना एक आम बात बन चुका है। देर तक स्क्रीन देखना, पानी कम पीना या नींद पूरी न होना इसके मुख्य कारण होते हैं।
आमतौर पर थोड़ा आराम करने या चाय-पानी लेने से यह ठीक भी हो जाता है। समस्या तब शुरू होती है जब यह दर्द सामान्य न रहकर बार-बार होने लगे।
जब सिरदर्द की तीव्रता बदलने लगे और इसके साथ शरीर में कुछ अजीब लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय सावधान होना जरूरी है।
शुरुआती लक्षणों में भ्रम की स्थिति
ब्रेन ट्यूमर को लेकर अक्सर यह माना जाता है कि इसमें पहली बार में ही बहुत तेज और असहनीय दर्द होता है। हालांकि, डॉक्टर्स का मानना है कि शुरुआत में इसके संकेत बहुत सामान्य होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर रूटीन की थकान समझ लेते हैं।
मस्तिष्क में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से आसपास के हिस्सों पर दबाव बनने लगता है। ट्यूमर दिमाग के किस हिस्से में है, उसी के आधार पर शरीर में अलग-अलग लक्षण नजर आने लगते हैं।

व्यवहार और याददाश्त पर असर
यदि दिमाग का सोचने-समझने वाला हिस्सा प्रभावित होता है, तो व्यक्ति को रोजमर्रा की बातें भूलने की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा किसी काम में ध्यान केंद्रित करने या निर्णय लेने में परेशानी आती है।
कई बार मरीज के व्यवहार में अचानक चिड़चिड़ापन या बदलाव देखने को मिलता है। लोग अक्सर इसे मानसिक तनाव मान लेते हैं, जबकि यह न्यूरोलॉजिकल दबाव का संकेत हो सकता है।
देखने और बोलने में परेशानी
दृष्टि को नियंत्रित करने वाले हिस्से पर असर पड़ने से आंखों के आगे धुंधलापन आ सकता है या एक ही चीज दो-दो (डबल विज़न) दिखाई दे सकती है।
कुछ मामलों में बातचीत के दौरान सही शब्द न चुन पाना या बोलने में रुकावट आना जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। ये बदलाव धीरे-धीरे बढ़ते हैं।
शारीरिक संतुलन बिगड़ना
शरीर का संतुलन बनाए रखने वाली मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ने से चलते समय लड़खड़ाहट हो सकती है। हाथ-पैरों में अचानक कमजोरी महसूस होना या हाथ से सामान छूटना भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
डॉक्टर से परामर्श कब लें?

हर सिरदर्द गंभीर नहीं होता, लेकिन नीचे दिए गए लक्षण दिखने पर तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए:
- दर्द की वजह से सुबह अचानक नींद खुल जाना।
- सिरदर्द के साथ बार-बार उल्टी या जी मिचलाने की शिकायत होना।
- समय के साथ दर्द की तीव्रता और बार-बार होने की आवृत्ति का बढ़ना।
- नजर कमजोर होना, धुंधला दिखना या चक्कर आना।
- शरीर के किसी एक हिस्से में कमजोरी महसूस होना।
स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी पुरानी या बार-बार लौटने वाली समस्या में खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टरी जांच कराना ही सुरक्षित विकल्प है।













