DA Hike : दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर सरकार के एक अहम फैसले पर टिकी है। केंद्र सरकार जल्द ही जुलाई 2026 की छमाही के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का फैसला ले सकती है।
यह फैसला सीधे तौर पर देश के करीब 50 लाख सेवारत कर्मचारियों और 69 लाख से अधिक पेंशनर्स की जेब से जुड़ा हुआ है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि त्योहारों की तैयारियों और बढ़ते खर्चों को देखते हुए सरकार दशहरे से पहले इस पर मुहर लगा सकती है।
अगर फैसला इस महीने आता है, तो बढ़ा हुआ पैसा और पिछले महीनों का बकाया (एरियर) अक्टूबर के वेतन के साथ सीधे बैंक खाते में जमा हो सकता है।
भत्ते में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद है?
बाजार में महंगाई के रुख को मापने वाले औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) में हाल के महीनों में बढ़त दर्ज की गई है। अगस्त के आंकड़ों में आई मजबूती को देखते हुए जानकारों का अनुमान है कि सरकार भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती है।
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। अगर इसमें 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो यह आंकड़ा बढ़कर 64 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
आपकी सैलरी पर इसका सीधा गणित क्या होगा?
महंगाई भत्ते की गणना हमेशा कर्मचारी के मूल वेतन (बेसिक पे) के आधार पर की जाती है। इसे एक आसान उदाहरण से समझा जा सकता है:
18,000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे
अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 18,000 रुपये है, तो 60 फीसदी के हिसाब से उसे 10,800 रुपये डीए मिलता है। 64 फीसदी होने पर यह रकम 11,520 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने सीधे 720 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
50,000 रुपये बेसिक पे
मध्यम स्तर के पदों पर जिनका बेसिक पे 50,000 रुपये है, उन्हें अभी 30,000 रुपये डीए मिल रहा है। 4 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद यह राशि बढ़कर 32,000 रुपये हो जाएगी, जिससे हर महीने 2,000 रुपये का सीधा लाभ मिलेगा।
पेंशनर्स के लिए भी ठीक इसी अनुपात में महंगाई राहत (DR) तय होती है, जिससे उनकी मासिक पेंशन में भी सम्मानजनक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
कब तक आ सकता है आधिकारिक आदेश?
ऑल इंडिया एनपीएस एम्पॉयी फेडरेशन और अन्य प्रमुख कर्मचारी संघों ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए ताकि त्योहारी खरीदारी से पहले कर्मचारियों के हाथ में जरूरी नकदी पहुंच सके।
हालांकि आधिकारिक अधिसूचना कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद ही जारी की जाती है। अमूमन देखा गया है कि घोषणा में भले ही थोड़ा समय लगे, लेकिन इसे लागू 1 जुलाई से ही माना जाता है, इसलिए कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर एक साथ मिलना तय माना जा रहा है।




