देहरादून, 4 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Crime : राजपुर थाना पुलिस ने जौहरी रोड इलाके में दबिश देकर 10 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरी के आरोप में एक घरेलू सहायिका विमला देवी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने इस महिला के कब्जे से एक सोने का लॉकेट, सोने की दो अंगूठियां, एक हीरा जड़ा हार्टशेप पेंडेंट और एक सोने का नेकलेस सुरक्षित बरामद कर लिया है।
तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी महिला ने साल 2025 में जाखन के भागीरथीपुरम स्थित दून रिपब्लिक अपार्टमेंट में काम करने के दौरान इन बेशकीमती गहनों पर हाथ साफ किया था। पुलिस ने विमला को पूछताछ के बाद हवालात भेज दिया है।
वारदात का सटीक खुलासा 29 जून 2026 की सुबह उस वक्त हुआ जब पीड़िता नीतिशा वत्स के एक परिचित ने इंस्टाग्राम पर विमला देवी की एक रील देखी। उस रील में विमला ने ठीक वही ज्वेलरी पहनी हुई थी जो नीतिशा के घर से एक साल पहले गायब हुई थी। परिचित ने तत्काल उस वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर नीतिशा को भेज दिया।
तस्वीर देखते ही नीतिशा वत्स ने आरोपी महिला के इंस्टाग्राम अकाउंट को खंगाला और वहां मौजूद अन्य रील्स व वॉट्सऐप स्टेटस के स्क्रीनशॉट अपने फोन में डाउनलोड कर लिए। पीड़िता ने पुरानी ज्वेलरी के सभी पक्के बिल निकाले और 1 जुलाई 2026 को सीधे राजपुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर नामजद तहरीर दे दी।
राजपुर थाना पुलिस ने 1 जुलाई को ही एफआईआर दर्ज करते हुए मुखबिर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया। पुलिस टीम ने 2 जुलाई को ठोस सूचना के आधार पर जौहरी रोड में घेराबंदी करते हुए आरोपी विमला देवी को धर दबोचा।

लॉकर की रेकी और साल 2025 का अनसुलझा मामला
पुलिस पूछताछ में विमला ने उगला कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की रहने वाली है और वर्तमान में जाखन इलाके में रहकर कोठियों में झाड़ू-पोछा करती है। सालभर पहले नीतिशा वत्स के बेडरूम में बने लॉकर में रखी इस महंगी ज्वेलरी पर उसकी नजर पड़ गई थी और मौका पाते ही उसने सारा माल पार कर दिया था।
चोरी होने के तुरंत बाद नीतिशा ने सबसे पहले विमला पर ही शक जताते हुए उससे कड़ी पूछताछ की थी। उस वक्त विमला ने बेहद शातिर तरीके से खुद को बेकसूर बताया और पुलिस स्टेशन जाकर खुद के बचाव में शिकायत दर्ज कराने की धमकी तक दे डाली थी।

कोई पुख्ता सुराग या सीसीटीवी फुटेज ना होने के कारण नीतिशा ने अपनी नौकरानी की बातों पर भरोसा कर लिया था। घर की कई बार तलाशी लेने के बाद पीड़िता ने यही मान लिया था कि लाखों के गहने या तो कहीं गिर गए हैं या किसी बाहरी व्यक्ति ने चुरा लिए हैं।
नीतिशा ने 2025 में इस घटना की पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी जिससे विमला बेखौफ होकर वही गहने पहनकर सोशल मीडिया पर अपना शौक पूरा करने लगी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार आरोपी महिला ने इन गहनों को बाजार में बेचने की कई बार कोशिश भी की थी लेकिन पक्का बिल ना होने के कारण वह सफल नहीं हो सकी। सभी बरामद गहनों को कब्जे में लेकर पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।










