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देहरादून के सभी स्कूलों के लिए डीएम का सख्त निर्देश जारी, 15 अगस्त को करना होगा ये काम

देहरादून के सभी शिक्षण संस्थानों में 15 अगस्त को बाल लिंगानुपात सुधारने के लिए कन्या भ्रूण संरक्षण की प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

Published On: August 13, 2026 12:42 PM
DM Dr Ashish Chauhan Issues Instructions to Chief Education Officer

HIGHLIGHTS

  • 15 अगस्त को देहरादून के सभी स्कूलों में होगी प्रतिज्ञा।
  • डीएम डॉ आशीष चौहान ने शिक्षा अधिकारी को दिए निर्देश।
  • छात्र और शिक्षक कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
  • बाल लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रशासन की नई पहल।

देहरादून, 13 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

देहरादून जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त 2026 को ‘कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा’ दिलाई जाएगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बाल लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रशासन ने यह सीधा कदम उठाया है। स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राएं इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

जिलाधिकारी और पीसीपीएनडीटी के जिला समुचित प्राधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को सीधे निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की मंशा समाज में बेटियों के प्रति मौजूद नकारात्मक सोच को जड़ से खत्म करने की है। डीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने जिलेभर के डिग्री कॉलेजों और विद्यालयों को लिखित दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों को अपने-अपने स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित करना होगा।

प्रतिज्ञा के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को लिंग भेद के खिलाफ खुलकर खड़ा होने का संकल्प दिलाया जाएगा। कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध शैक्षणिक परिसरों से एक मजबूत आवाज उठाई जाएगी। शिक्षक समाज की मानसिकता बदलने में अपनी सबसे अहम जिम्मेदारी निभाएंगे। युवाओं के मन में शुरुआत से ही बेटियों के प्रति सम्मान की भावना जगाने का यह एक संस्थागत प्रयास है।

शपथ पत्र में बेटियों को बेटों के समान प्यार और पोषण देने की बात को प्रमुखता से शामिल किया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बालिकाओं को समान अवसर मुहैया कराना अनिवार्य होगा। बेटियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प इस आयोजन का मुख्य हिस्सा है। समाज में सुरक्षा का भाव पैदा किए बिना कन्या संरक्षण का लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता।

घर और आसपास का सामाजिक माहौल ऐसा तैयार करने पर जोर दिया गया है जहां बेटियां खुद को बिना किसी डर के पूरी तरह सुरक्षित महसूस करें। गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जीना उनका संवैधानिक अधिकार है। शपथ लेने वाले छात्र अपने परिवारों के भीतर भी इस संवाद को आगे बढ़ाएंगे।

जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों से इस अभियान में केवल रस्मी तौर पर नहीं, बल्कि सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। स्कूलों के सभी कार्मिकों को भी कन्या भ्रूण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। बाल लिंगानुपात के आंकड़ों को सुधारने के लिए प्रशासन अब शैक्षिक संस्थानों को जागरूकता का प्राथमिक केंद्र बना रहा है। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस मुहिम से जोड़कर भविष्य के समाज की नींव को मजबूत किया जा रहा है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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