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Dehradun Master Plan : ‘भविष्य के दून की रूपरेखा तय करेगी जनता…’ MDDA के सामने रखीं ये बड़ी मांगें

देहरादून महायोजना-2041 को लेकर एमडीडीए की जनसुनवाई के सातवें दिन राजपुर रोड क्षेत्र के नागरिकों ने भारी ट्रैफिक और पार्किंग की कमी का मुद्दा उठाया। जीआरडी यूनिवर्सिटी में हुए शिविर में पहुंचे लोगों के सुझावों को प्राधिकरण अब तकनीकी और विधिक परीक्षण के लिए भेजेगा।

Dehradun Master Plan : 'भविष्य के दून की रूपरेखा तय करेगी जनता...' MDDA के सामने रखीं ये बड़ी मांगें

HIGHLIGHTS

  • जीआरडी यूनिवर्सिटी में एमडीडीए जनसुनवाई का सातवां दिन।
  • राजपुर रोड पर ट्रैफिक और जलभराव का मुद्दा गरमाया।
  • 21 जुलाई 2026 तक अलग-अलग सेक्टरों में चलेंगे शिविर।
  • अगला कैंप 15 जुलाई को लीची बाग में लगेगा।

देहरादून, 14 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun Master Plan : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की देहरादून महायोजना-2041 के तहत चल रही जनसुनवाई का सातवां दिन जीआरडी यूनिवर्सिटी, राजपुर रोड में आयोजित हुआ। मंगलवार को शिविर में स्थानीय नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, संस्थाओं और भू-स्वामियों ने पहुंचकर अपने सुझाव दर्ज कराए।

राजपुर रोड और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ता ट्रैफिक दबाव सबसे बड़ा मुद्दा रहा। स्थानीय लोगों ने पार्किंग की भारी कमी, अनियोजित विकास और जलभराव की समस्या पर एमडीडीए अधिकारियों के सामने कड़ी आपत्तियां रखीं। सड़क सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन पर शिविर में लंबी चर्चा हुई।

पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग लोगों ने प्रमुखता से रखी। हरित क्षेत्रों को संरक्षित रखने के लिए कई संस्थागत प्रतिनिधियों ने ठोस योजना बनाने पर जोर दिया। एमडीडीए की तकनीकी टीम ने भू-स्वामियों द्वारा उठाए गए भूमि उपयोग के बिंदुओं को मौके पर ही रिकॉर्ड किया।

एमडीडीए का यह विशेष जनसंवाद अभियान 6 जुलाई 2026 से शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया 21 जुलाई 2026 तक शहर के विभिन्न सेक्टरों में जारी रहेगी। बुधवार को अगला जनसुनवाई शिविर लीची बाग, 4 न्यू कैंट रोड, दिलाराम चौक में आयोजित किया जाएगा। प्राधिकरण ने संबंधित क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि महायोजना 2041 केवल भूमि उपयोग परिवर्तन का दस्तावेज नहीं है। यह आने वाले दशकों की विकास दिशा तय करने वाली व्यापक योजना है। राजधानी में आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

तेजी से बढ़ती आबादी और बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थानीय स्तर से मिल रहे सुझाव अहम भूमिका निभाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और यातायात प्रबंधन के बीच ऐसा तालमेल बने जो आने वाली पीढ़ियों के काम आ सके।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने जनसुनवाई प्रक्रिया की कार्यप्रणाली पर बात रखी। दर्ज हो रही प्रत्येक आपत्ति और सुझाव का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों की टीम इन सभी बिंदुओं का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण करेगी। महायोजना का मुख्य लक्ष्य देहरादून की प्राकृतिक पहचान, पर्यावरणीय संतुलन और नागरिक सुविधाओं को सुरक्षित रखते हुए शहर का सतत विकास सुनिश्चित करना है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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