देहरादून, 22 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun News : पिछले दो सालों से अपनी सरकारी नियुक्ति का इंतजार कर रहे राज्य आंदोलनकारी आश्रितों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के बैनर तले देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर चल रहा धरना और क्रमिक अनशन बुधवार को 38वें दिन में प्रवेश कर गया।
राजधानी में हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद आंदोलनकारियों के तेवर ढीले नहीं पड़े। मौसम की परवाह किए बिना विकासनगर से आए राम किशन और ऋषिकेश से पहुंचे शैलेश सेमवाल क्रमिक अनशन पर बैठे। दोनों आश्रितों ने साफ किया कि जब तक नियुक्ति का पारदर्शी रास्ता नहीं निकलता, तब तक यह आंदोलन पीछे नहीं हटेगा।
धरना स्थल पर बिगड़ती स्थिति और आंदोलनकारियों के रुख को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर अपर सिटी मजिस्ट्रेट रविन्द्र जुवान्ठा दोपहर में शहीद स्मारक पहुंचे। उन्होंने अनशनकारियों और मंच के पदाधिकारियों से बात कर पूरे विवाद और उनकी मांगों का औपचारिक ब्यौरा दर्ज किया।
अपर सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके से ही जिलाधिकारी से आंदोलनकारियों की सीधी बातचीत कराने का प्रयास किया। जिलाधिकारी आशीष चौहान की प्रशासनिक व्यस्तता के कारण बुधवार को यह मुलाकात संभव नहीं हो सकी।
मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने बताया कि अपर सिटी मजिस्ट्रेट ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया है कि जिलाधिकारी से जल्द वार्ता कराई जाएगी। इस प्रशासनिक वार्ता के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात का समय मांगा जाएगा ताकि दो साल से लटके इस नियुक्ति मामले का स्थायी निस्तारण हो सके।

बुधवार को आंदोलनकारियों के समर्थन में शहीद स्मारक पर भारी भीड़ उमड़ी। धरना स्थल पर पहुंचे समर्थकों में सुनीता ठाकुर, नवीन नैथानी, पंकज सिंह रावत, मनोरथ प्रसाद ध्यानी और विपुल नौटियाल शामिल रहे।
इसके साथ ही गणेश भट्ट, सरदार खान पप्पू, हरि प्रकाश शर्मा, हरि ओमी, महेश कुमार, विनोद असवाल, प्रभात डंडरियाल, रामचन्द्र नौटियाल और सावित्री पंवार ने भी शहीद स्मारक पहुंचकर क्रमिक अनशन को अपना पूरा समर्थन दिया और सरकार से तुरंत अध्यादेश जारी कर नियुक्ति देने की मांग उठाई।











