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Dehradun News : कोरोनेशन अस्पताल की खुली पोल, मरीजों की जान से खिलवाड़ पर DM आशीष चौहान का सख्त एक्शन

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार रात 8 बजे कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। आईसीयू में बंद एसी, गंदगी और लावारिस मरीज की गंभीर हालत पर डीएम ने सीएमओ-सीएमएस की संयुक्त समिति से तत्काल रिपोर्ट तलब की है।

Dehradun News : कोरोनेशन अस्पताल की खुली पोल, मरीजों की जान से खिलवाड़ पर DM आशीष चौहान का सख्त एक्शन

HIGHLIGHTS

  • आईसीयू में एसी बंद मिलने पर पीआरओ पर गिरी गाज।
  • स्टॉक रजिस्टर 29 जून से खाली, इंचार्ज मिलीं छुट्टी पर।
  • महिला शौचालय में पुरुष यूरिनल देख डीएम ने लगाई फटकार।
  • लावारिस मरीज को 40 शुगर लेवल पर तत्काल मिला इलाज।

देहरादून, 01 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun News : सर्जरी वार्ड में एक लावारिस मरीज जिंदगी और मौत से जूझ रहा था जिसका शुगर लेवल 40 से भी नीचे गिर चुका था। मरीज के पास बासी खाने की प्लेटें और गंदगी का अंबार लगा था जिसे देखने वाला अस्पताल में कोई नहीं था। बुधवार रात 8 बजे डीएम डॉ. आशीष चौहान सीधे इसी वार्ड में पहुंचे। डीएम की दखल के बाद तत्काल मरीज को आपातकालीन चिकित्सा मुहैया कराई गई।

प्रशासनिक अमले के पहुंचने से महज पांच मिनट पहले वार्ड में घबराहट में पोछा लगाया जा रहा था। अचानक हुई इस दबिश से पूरे अस्पताल प्रशासन में भारी हड़कंप मच गया।

आईसीयू का नजारा इससे भी ज्यादा खौफनाक था जहां जीवन रक्षक उपकरणों के बीच मानक के विपरीत एयर कंडीशन ही बंद पड़ा था। मरीज भीषण उमस और सफोकेशन से बेहाल थे। अस्पताल के पीआरओ को कई बार कहने के बाद भी एसी चालू नहीं किया गया।

डीएम ने पीआरओ पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। सीएमएस से इस भारी लापरवाही पर कड़ा जवाब मांगा गया है।

आईसीयू के स्टॉक रजिस्टर में 29 जून से दवाओं का कोई अता-पता नहीं था और एंट्री पूरी तरह गायब थी। सिस्टर इंचार्ज अपनी ड्यूटी से आकस्मिक अवकाश पर पाई गईं। स्टाफ के उपस्थिति रजिस्टर की जांच में भी कई गंभीर खामियां पकड़ी गईं।

मरीजों के रेफरल और सुविधाओं पर सख्त ऐतराज

पुरुष वार्ड में लिवर की बीमारी से पीड़ित एक मरीज को बेवजह रेफर करने की फाइल तैयार हो रही थी। मरीज की हालत उसी अस्पताल में रहकर पूरी तरह सुधर सकती थी। डीएम ने इस अनावश्यक रेफरल पर सख्त आपत्ति जताते हुए इसे रुकवाया।

मरीज के बिस्तर पर ओढ़ने के लिए फटी हुई कंबल पड़ी थी। डीएम ने अस्पताल मैटर्न से मौके पर ही स्पष्टीकरण मांग लिया। सभी फटे कंबलों को तुरंत कंडम करने के सख्त आदेश जारी किए गए।

अस्पताल की लिफ्ट पान की पीक से सनी थी और वहां सुरक्षा के लिहाज से कोई सीसीटीवी कैमरा तक मौजूद नहीं था। महिला शौचालय के अंदर पुरुष यूरिनल लगा हुआ था। व्यवस्था की इस घोर अनदेखी पर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया।

सीएमओ और सीएमएस की एक संयुक्त समिति का गठन कर दिया गया है। इन दोनों अधिकारियों से अस्पताल की बदहाली और परिलक्षित कमियों पर तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।

डीएम ने बाल रोग कक्ष से लेकर अन्य वार्डों में रुककर खुद मरीजों से सीधे सुविधाओं का फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान मौजूद आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी मनीष शर्मा और अन्य मेडिकल स्टाफ को व्यवस्थाएं तुरंत सुधारने की सख्त हिदायत दी गई।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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