देहरादून, 4 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun News : राजधानी देहरादून के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान दून मेडिकल कॉलेज की नई ओपीडी बिल्डिंग में बीती रात असामाजिक तत्वों ने सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाते हुए जमकर उत्पात मचाया और घंटों तक चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
अस्पताल के बी ब्लॉक के दूसरे फ्लोर पर स्थित महिला शौचालय को इन शातिर चोरों ने अपना मुख्य निशाना बनाया है। शनिवार सुबह जब सफाई कर्मचारी और अस्पताल का अन्य स्टाफ अपनी शिफ्ट के लिए ओपीडी बिल्डिंग पहुंचा तो उन्हें शौचालय के फर्श पर बुरी तरह टूटे हुए वॉश बेसिन पड़े मिले।
शौचालय के अंदर दीवारों पर लगे कीमती शीशे और वॉश बेसिन के ऊपर लगी नलों की तमाम टोंटियां तक जड़ से उखाड़ ली गई हैं। अस्पताल के इस नवनिर्मित मुख्य ब्लॉक में घंटों तक यह तोड़फोड़ चलती रही और परिसर में तैनात भारी सुरक्षा अमले को रात भर इस पूरी आपराधिक गतिविधि की भनक तक नहीं लगी।
अस्पताल प्रबंधन ने सुबह स्थानीय पुलिस को लिखित तहरीर सौंप दी है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ वरुण मित्तल ने घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से एक आंतरिक जांच कमेटी बैठा दी है। रात की शिफ्ट में ओपीडी बिल्डिंग की सुरक्षा में तैनात गार्डों की जवाबदेही तय करते हुए उनसे सख्त जवाब तलब किया जा रहा है। पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर ओपीडी बिल्डिंग के एंट्री, एग्जिट पॉइंट्स और कॉरीडोर में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस इन फुटेज की मॉनिटरिंग कर रही है ताकि संदिग्धों की पहचान कर उनकी धरपकड़ के लिए शहर के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा सके।

अस्पताल प्रशासन इस एंगल पर भी बारीकी से तफ्तीश कर रहा है कि कहीं इस भारी तोड़फोड़ के पीछे नशे के आदी किसी स्थानीय गिरोह का हाथ तो नहीं है। दून अस्पताल परिसर और उसके आस-पास के इलाके में अक्सर नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है जो रात के अंधेरे का फायदा उठाकर खाली पड़ी बिल्डिंग्स में घुसपैठ करते हैं। ये अवांछित तत्व पहले भी अस्पताल परिसर में मरीजों के तीमारदारों का सामान पार करने और लोहे व पीतल के उपकरण चुराने जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
अस्पताल में 24 घंटे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और गार्ड्स की लगातार पेट्रोलिंग के दावों पर इस घटना ने गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रबंधन ने अब नए सिरे से सुरक्षा कर्मियों को अस्पताल की परिधि में घूमने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति पर पैनी नजर रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। रात के समय नई ओपीडी बिल्डिंग की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया गया है।
उत्तराखंड के दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी जिलों तक से रोजाना कई हजार मरीज और उनके तीमारदार अपना इलाज कराने के लिए दून अस्पताल पहुंचते हैं। हर दिन उमड़ने वाली इस भारी भीड़ के बीच ओपीडी बिल्डिंग जैसी व्यस्त जगह पर अराजक तत्वों की पहचान करना अस्पताल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। डिप्टी एमएस डॉ मित्तल ने अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे सरकारी संपत्ति का अपना समझकर ध्यान रखें और किसी भी तरह के नुकसान की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।










