देहरादून, 24 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे नागरिकों का जमावड़ा लगा रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने वहां आए लोगों की एक-एक कर समस्याएं और शिकायतें सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि जनता के आवेदनों का समाधान संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए।
आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए प्रशासन को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी। राज्य सरकार जनहित और सुशासन के बुनियादी सिद्धांत पर काम कर रही है। आम नागरिक अपनी फरियाद लेकर राजधानी तक न भटकें, इसलिए नीचे के स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय करना जरूरी है।
शासन और प्रशासन की जवाबदेही केवल कागजों में सिमटकर नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर शिकायत का गंभीरता से परीक्षण किया जाए। नियम के तहत जो भी प्रभावी कार्रवाई बनती है, वह तुरंत शुरू होनी चाहिए।
शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि उसकी फाइल कहां तक पहुंची है। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि फरियादी को उसकी शिकायत पर हो रही प्रगति से लगातार अपडेट रखा जाए। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और लोगों का भरोसा तंत्र पर बढ़ेगा।
राज्य के नागरिकों की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों को जनसेवा की भावना के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। काम में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनसुनवाई के दौरान मौके पर गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप और गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सीधे दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। जिला स्तर के मामलों को वहीं तुरंत सुलझाने की व्यवस्था बनाई जाए।
जिन मामलों का निस्तारण जिला या विभागीय स्तर पर संभव है, उन्हें बिना किसी देरी के वहीं हल किया जाए। केवल वही फाइलें शासन स्तर पर आनी चाहिए जिनमें उच्च स्तर से नीतिगत निर्णय लिया जाना जरूरी हो। ऐसी फाइलों को भी बिना देर किए संबंधित विभागों को तुरंत भेजा जाए।
जनसुनवाई की पूरी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और परिणाम देने वाला बनाया जाएगा। आम नागरिकों को राहत पाने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए पूरी प्रणाली की समीक्षा की जा रही है। प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक सही समय पर न्याय पहुंचाना ही इस कवायद का मुख्य उद्देश्य है।













