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Dehradun Protest : 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का अनशन 15वें दिन भी जारी

राज्याधीन सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिलने से नाराज राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों का अनशन 15वें दिन पहुंच गया है। टिहरी से लेकर नैनीताल तक के विभिन्न जनपदों से पहुंचे आंदोलनकारियों ने सरकार से तत्काल नियुक्ति आदेश जारी करने की सख्त मांग रखी है।

Dehradun Protest : 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का अनशन 15वें दिन भी जारी

HIGHLIGHTS

  • क्षैतिज आरक्षण के लिए अनशन लगातार 15वें दिन जारी।
  • रमेश थपलियाल और जय कृष्णा सेमवाल ने रखा उपवास।
  • राज्य भर से कई आंदोलनकारी समर्थन देने धरना स्थल पहुंचे।
  • सरकार से धैर्य न परखने और तत्काल नियुक्ति की मांग।

देहरादून, 29 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।

राज्याधीन सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण का कानूनी लाभ धरातल पर लागू न होने से आक्रोशित राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों का बेमियादी धरना-प्रदर्शन आज 15वें दिन भी पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहा। 15 दिनों से भूखे-प्यासे बैठे इन लोगों ने शासन व्यवस्था के खिलाफ सीधी बगावत कर दी है।

आज अनशन की कमान विकास नगर से पहुंचे रमेश थपलियाल के हाथों में रही। उनके साथ पछुवा दून क्षेत्र के जय कृष्णा सेमवाल और कार्यक्रम के मुख्य संयोजक अंबुज शर्मा भी सुबह से ही धरना स्थल पर डटे रहे। भीषण गर्मी और गिरते स्वास्थ्य के बावजूद इन नेताओं ने अन्न जल त्याग कर सरकार की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की।

प्रदेश के सुदूर पहाड़ी जनपदों से भी भारी संख्या में आंदोलनकारी देहरादून की सड़कों पर उतर रहे हैं। टिहरी जिले से नारायण दत्त भट्ट और नैनीताल से नवीन नैथानी ने धरना स्थल पहुंचकर अनशनकारियों की हौसला अफजाई की और शासन स्तर पर लटकी फाइलों की स्थिति मांगी। उत्तरकाशी से राम चंद्र नौटियाल अपने दर्जनों समर्थकों के साथ इस आंदोलन में कूद पड़े हैं।

महिला आंदोलनकारियों की भीड़ ने शासन-प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं। उर्मिला शर्मा, देवेश्वरी देवी, बीना रावत, माहेश्वरी कंडारी और माया खत्री ने धरना स्थल पर मौजूद अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और लंबित नियुक्तियों पर कड़े सवाल दागे। मनोज पुरोहित और पुष्पराज बहुगुणा ने मंच से हुंकार भरी। विनोद बटवाल ने भी अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

सुरेश कुमार और बिल्लू वाल्मीकि ने नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही लेटलतीफी को नौकरशाही की घोर लापरवाही करार दिया है। मनोहर प्रसाद ध्यानी और सत्य नारायण भट्ट ने मंच से सीधी चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर यह आंदोलन गांव-गांव तक फैलेगा। विपिन रावत और शैलेश सेमवाल ने राज्य सरकार की रोजगार नीतियों पर निशाना साधा।

धर्मानंद भट्ट, प्रभात डंडरियाल, मोहम्मद इकबाल और इंद्रेश नौटियाल ने इस दौरान उत्तराखंड राज्य गठन के समय किए गए भीषण संघर्षों और शहादतों को याद किया। सुरेश थापा और अन्य प्रमुख राज्य आंदोलनकारियों ने एक सुर में सरकार को अल्टीमेटम दिया है।

सभी प्रमुख चेहरों ने शासन से दो टूक कहा है कि वह आंदोलनकारियों के धैर्य की परीक्षा लेना तत्काल बंद करे। 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के शासनादेश का अक्षरशः पालन करते हुए सभी पात्र आश्रितों को शीघ्र नियुक्ति दी जाए। प्रशासन की तरफ से 15 दिन लंबे इस अनशन को खत्म कराने के लिए अभी तक कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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