देहरादून : उत्तराखंड की सियासत और कर्मचारी वर्गों के लिए धामी कैबिनेट की बैठक से 13 अहम प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई है। उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य समान वेतन की कट-ऑफ डेट अब 15 अक्तूबर 2024 तय कर दी गई है।
पहले यह कट-ऑफ डेट 12 नवंबर 2018 थी जिसके दायरे में सिर्फ 11 हजार कर्मचारी आ रहे थे। नई तिथि लागू होने से सीधे तौर पर साढ़े पांच हजार और कर्मचारियों को जोड़ते हुए कुल 16 हजार 500 उपनल कर्मियों को इस योजना के दायरे में लाया गया है।
उनियाल कमेटी के पास जिम्मा
नई कट-ऑफ डेट लागू करने की पूरी विधिक प्रक्रिया तय करने का जिम्मा कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली सब कमेटी को सौंप दिया गया है। यह कमेटी विनियमितीकरण और श्रेणीकरण जैसे संवेदनशील मुद्दों का अध्ययन कर समाधान निकालेगी।
वर्तमान में 1 जनवरी 2016 तक अपनी 10 साल की निरंतर सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मचारियों के विभागीय अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है। हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई की तपिश और कर्मचारी महासंघ के लगातार जारी विरोध के बाद सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
गोल्डन कार्ड में 100 करोड़ की फंडिंग
गोल्डन कार्ड योजना के तहत इलाज में आनाकानी कर रहे अस्पतालों का बकाया चुकाने के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये की गैप फंडिंग मंजूर कर ली है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण पर अस्पतालों का करीब 200 करोड़ रुपये बकाया चल रहा था।
लंबे समय से भुगतान न होने के कारण कई अस्पतालों ने कैशलेस इलाज बंद कर दिया था जिससे मरीजों को अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा था। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 175 करोड़ रुपये मांगे थे।
पूर्व में योजना को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने गैप फंडिंग के साथ प्रीमियम बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया था। कर्मचारियों के भारी विरोध के चलते यह फैसला लागू नहीं हो सका और वित्त विभाग ने बजट रोक दिया था।
इस 100 करोड़ के बजट से अस्पतालों का लगभग 50 फीसदी बकाया तुरंत चुकता हो जाएगा। इससे भर्ती होने वाले मरीजों की राह आसान होगी और चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रुके हुए बिलों का भुगतान भी तेजी से हो सकेगा।
आंदोलनकारियों को एकमुश्त छूट
राज्य में 18 अगस्त 2024 से 24 नवंबर 2024 के बीच विभागों में निकली पांच सरकारी भर्तियों में राज्य आंदोलनकारियों को एक बार की विशेष छूट दी गई है। 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण की नियमावली 18 अगस्त 2024 को आई और जीओ 24 नवंबर 2024 को निकला था, फंसी हुई थी नौकरी।
इन दोनों तारीखों के बीच की भर्तियों में शामिल अभ्यर्थी अपना प्रमाणपत्र जमा नहीं कर पाए थे। अब ये सभी अभ्यर्थी प्रमाणपत्र जांच के दौरान अपना राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाणपत्र दिखा सकेंगे, मिलेगी पक्की सरकारी नौकरी।
60 साल से ज्यादा समय से लटकी किसाऊ बांध परियोजना पर राज्यों के बीच बनी सहमति के लिए कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लंबे प्रयासों को भी सराहा गया, सुलझ गया दशकों पुराना विवाद।
कैबिनेट बैठक के अंत में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर भी शोक प्रस्ताव पारित किया गया।






