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DM Savin Bansal Action : देहरादून में रईसों के होमस्टे पर चला डीएम का डंडा, एक झटके में 17 के लाइसेंस किये रद्द

देहरादून जिला प्रशासन ने 'ऑपरेशन सफाई' के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में बिना फायर एनओसी और अवैध बार संचालित करने वाले केंद्रों को निशाने पर लिया गया है।

Published On: अप्रैल 29, 2026 4:15 अपराह्न
DM Savin Bansal Action : देहरादून में रईसों के होमस्टे पर चला डीएम का डंडा, एक झटके में 17 के लाइसेंस किये रद्द

HIGHLIGHTS

  • 5 मजिस्ट्रेट की टीमों ने महज 7 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अवैध गतिविधियों का खुलासा किया।
  • होमस्टे में नियम विरुद्ध बार, डीजे और हथियारों से फायरिंग की शिकायतों पर लिया गया कड़ा एक्शन।
  • पर्यटन विभाग की वेबसाइट से इन सभी 17 इकाइयों के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

देहरादून, 29 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी में कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखकर होमस्टे की आड़ में ‘अय्याशी के अड्डे’ चलाने वाले रसूखदारों पर जिला प्रशासन (DM Savin Bansal Action) ने बड़ी स्ट्राइक की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर ‘ऑपरेशन सफाई’ के पहले चरण में 17 होमस्टे के पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इन इकाइयों को अब पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी हटाया जा रहा है।

7 दिन की जांच में खुला अव्यवस्था का खेल

शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशे की हालत में ओवरस्पीडिंग और अवैध फायरिंग के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 5 मजिस्ट्रेट की टीमें गठित की थीं। मात्र 7 दिनों के भीतर इन टीमों ने सहसपुर और रायपुर विकासखंड समेत शहरी क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि जो होमस्टे स्थानीय संस्कृति के प्रचार के लिए थे, वे दरअसल अवैध बार और होटल की तरह इस्तेमाल हो रहे थे।

लीज पर संचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी

जांच रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश होमस्टे नियमावली के विरुद्ध लीज पर दिए गए थे। कई स्थानों पर मालिक खुद रहने के बजाय इसे पूरी तरह व्यावसायिक बना चुके थे। निरंजनपुर और बल्लूपुर जैसे इलाकों में बिना फायर एनओसी, बिना फूड लाइसेंस और तय क्षमता से अधिक कमरों का संचालन पाया गया। गंभीर बात यह रही कि कई जगहों पर विदेशी पर्यटकों के रुकने की जानकारी (C-Form) भी प्रशासन को नहीं दी गई थी।

कानून से ऊपर कोई नहीं: जिलाधिकारी

कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम सविन बंसल ने कहा, “होमस्टे का मकसद स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना है, न कि हुड़दंग को बढ़ावा देना। रातभर अवैध बार और लाउड डीजे बजाकर आमजन की शांति भंग करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सिर्फ शुरुआत है, जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।”

जांच में मिली प्रमुख खामियां:

  • सुरक्षा का अभाव: अग्निशमन उपकरणों की वैधता समाप्त होना या पूरी तरह न होना।
  • नियमों का उल्लंघन: होमस्टे का उपयोग बारात घर और कमर्शियल पार्टियों के लिए किया जाना।
  • फायरिंग और हुड़दंग: ठहरने वाले उपद्रवियों द्वारा नशे की हालत में पिस्टल और तमंचों से फायरिंग करना।
  • लापता स्वामी: नियमानुसार स्वामी का मौके पर निवास अनिवार्य है, लेकिन कई जगह अन्य लोग संचालन कर रहे थे।

आगामी कदम और प्रभाव

प्रशासन अब उन होमस्टे संचालकों की सूची तैयार कर रहा है जिन्होंने पंजीकरण तो कराया है लेकिन मौके पर कोई गतिविधि नहीं है या जो केवल अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि शहर की सड़कों पर ओवरस्पीडिंग और हुड़दंग करने वालों का लिंक इन होमस्टे से मिलने पर संचालकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाए।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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