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Gangotri Kedarnath Highway : गंगोत्री और केदारनाथ धाम के बीच की दूरी होगी कम, बनेगी नई सड़क

उत्तराखंड सरकार ने गंगोत्री और केदारनाथ धाम के बीच की दूरी को 150 किलोमीटर तक कम करने के लिए 100 किलोमीटर लंबे नए सड़क मार्ग का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। तीर्थक्षेत्रों को बम से उड़ाने की धमकियों के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है।

Gangotri Kedarnath Highway : गंगोत्री और केदारनाथ धाम के बीच की दूरी होगी कम, बनेगी नई सड़क

HIGHLIGHTS

  • गंगोत्री-केदारनाथ के बीच 100 किमी नई सड़क का प्रस्ताव।
  • नए रूट से दोनों धामों की दूरी 150 किलोमीटर घटेगी।
  • भटवाड़ी से त्रियुगीनारायण के पुराने पैदल ट्रैक पर बनेगी सड़क।
  • सोशल मीडिया पर धामों को बम की धमकी के बाद एफआईआर दर्ज।

देहरादून, 25 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।

Gangotri Kedarnath Highway : उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग ने गंगोत्री से केदारनाथ के बीच सदियों पुराने पैदल मार्ग को पूरी तरह से डामरीकृत सड़क मार्ग के रूप में तब्दील करने की कसरत तेज कर दी है। राज्य सरकार ने इस 100 किलोमीटर लंबी नई सड़क परियोजना का पूरा प्रारंभिक सर्वे मुकम्मल करने के बाद विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अंतिम मुहर लगते ही इस महत्वाकांक्षी हाईवे प्रोजेक्ट का धरातलीय निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

अभी तीर्थयात्रियों को गंगोत्री से केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए लगभग 350 किलोमीटर की लंबी पहाड़ी दूरी तय करनी पड़ती है। नया हाईवे व संपर्क मार्ग वजूद में आने के बाद यह फासला सीधे 150 किलोमीटर तक कम हो जाएगा जिससे चारधाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के समय और ईंधन की भारी बचत होगी।

प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक इस नए हाईवे का रूट भटवाड़ी से शुरू होकर बेलक, झाला, बूढ़ाकेदार, बिनकखाल, हटकुणी, घुत्तू और पंवाली होते हुए सीधे त्रियुगीनारायण तक जाकर मिलेगा। इस मुख्य मार्ग के साथ कई अंदरूनी ग्रामीण संपर्क मार्गों को भी आपस में जोड़ा जाएगा। आपातकालीन परिस्थितियों और मानसून के सीजन में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के दौरान यह वैकल्पिक मार्ग दोनों मुख्य धामों के बीच जीवनरेखा का काम करेगा।

उत्तराखंड के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इस पूरी परियोजना का आधिकारिक प्रस्ताव सौंपकर पत्राचार शुरू कर दिया गया है। यह सड़क न केवल दोनों प्रमुख धामों को आपस में जोड़ेगी बल्कि इसके निर्माण से पहाड़ों के दर्जनों सुदूरवर्ती गांवों तक पक्की सड़क की पहुंच आसान होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

नया बाईपास रूट चालू होने से यमुनोत्री और गंगोत्री की तरफ से आने वाले यात्रियों का बदरीनाथ-केदारनाथ की तरफ जाने का पूरा ट्रेवल रूट बदल जाएगा। वर्तमान में चल रहे पारंपरिक रूटों के मुकाबले यह रास्ता बेहद छोटा और सुगम साबित होगा।

चारधाम यात्रा रूट पर बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ी अपडेट सामने आई है। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया और ई-मेल के जरिए मंदिर परिसरों को उड़ाने की मिलने वाली अज्ञात धमकियों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।

हेमंत द्विवेदी ने पूरे यात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा के संवेदनशील मसले को लेकर उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ से लंबी मुलाकात की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी इस पूरे धमकी भरे घटनाक्रम और खुफिया इनपुट की विस्तृत जानकारी लिखित रूप में दी जा चुकी है। केदारनाथ और बदरीनाथ दोनों ही मुख्य परिसरों में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त लागू कर दिए गए हैं।

धमकी भरे संदेश भेजने वाले अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। यात्रा मार्गों समेत मंदिर के गर्भगृह और बाहरी परिसरों की चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।

मंदिर प्रशासन और स्थानीय जिला प्रशासन आपस में सघन समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। वर्तमान में पुलिस बल के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP) और एसडीआरएफ (SDRF) के जवान पूरे यात्रा रूट के संवेदनशील प्वाइंट्स पर मुस्तैदी के साथ तैनात हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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