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Haridwar Ardh Kumbh 2027 : शहर के अंदर नहीं बिकेगा कच्चा मांस, अर्द्धकुंभ से पहले नई जगह होंगी दुकानें

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 03 Apr 2026 02:26 PM IST

हरिद्वार नगर निगम ने अर्द्धकुंभ से पहले शहर को मांस मुक्त करने के लिए सभी कच्ची मांस की दुकानों को सराय गांव में शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार किया है। 6 अप्रैल की बोर्ड बैठक में इस पर मुहर लगने के बाद अवैध दुकानों को बंद करने और लाइसेंस वाली दुकानों को शहर से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।

Haridwar Ardh Kumbh 2027 : शहर के अंदर नहीं बिकेगा कच्चा मांस, अर्द्धकुंभ से पहले नई जगह होंगी दुकानें

मुख्य बातें

  • हरिद्वार शहरी क्षेत्र की सभी 20 लाइसेंस प्राप्त मांस की दुकानें सराय गांव में स्थायी रूप से स्थानांतरित होंगी।
  • अवैध रूप से चल रही सैकड़ों मांस की दुकानों पर भारी जुर्माना और बंदी की कार्रवाई की जाएगी।
  • नगर निगम की बोर्ड बैठक में होटल और ढाबों में पका हुआ मांस परोसने पर भी प्रतिबंध लगाने की संभावना पर चर्चा होगी।

हरिद्वार, 3 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप बनाने के लिए नगर निगम ने शहरी क्षेत्र से कच्चे मांस की तमाम दुकानों को सराय गांव में स्थानांतरित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

मेयर किरण जैसल ने स्पष्ट किया है कि आगामी अर्द्धकुंभ की पवित्रता को देखते हुए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसे आगामी 6 अप्रैल को होने वाली नगर निगम बोर्ड की बैठक में औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा।

हरिद्वार नगर पालिका के मौजूदा उपनियमों के तहत हर की पौड़ी के 5 किलोमीटर के दायरे में मांस, मदिरा और अंडों की बिक्री पर पहले से ही कड़ा प्रतिबंध लागू है। अब इस दायरे को व्यवहारिक रूप से विस्तारित करते हुए पूरे शहरी क्षेत्र को व्यवस्थित करने की तैयारी है।

मेयर के मुताबिक, आधिकारिक रिकॉर्ड में केवल 20 दुकानों को ही मांस बिक्री के वैध लाइसेंस दिए गए हैं, लेकिन हकीकत में ज्वालापुर और जगजीतपुर जैसे इलाकों में अवैध दुकानों की बाढ़ आई हुई है। इन दुकानों की वजह से न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि शहर में आवारा कुत्तों का आतंक भी खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है।

बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित होते ही सबसे पहले अवैध रूप से चल रही दुकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर चालान काटने और उन्हें सील करने का अभियान शुरू होगा। इसके बाद वैध लाइसेंस धारकों को सराय गांव में आवंटित नई जगहों पर भेज दिया जाएगा।

नगर निगम इस बार केवल कच्ची दुकानों तक सीमित नहीं रहने वाला है। मेयर ने संकेत दिए हैं कि बोर्ड मीटिंग में इस पर भी मंथन होगा कि क्या होटल और ढाबों में पका हुआ मांस परोसा जाना चाहिए या उस पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

इस कदम को लेकर अखाड़ा परिषद और हिंदूवादी संगठनों का भारी समर्थन मिल रहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मांस की दुकानों का शहरी क्षेत्र से बाहर होना अनिवार्य है।

राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने भी इस मुहिम को प्रशासनिक सहयोग देने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कुंभ और अर्द्धकुंभ जैसे वैश्विक आयोजनों में श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं सर्वोपरि हैं और प्रशासन इसके लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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