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Haridwar Blood Smuggling : हरिद्वार के लक्सर में फर्जी रक्तदान शिविर का भंडाफोड़, 15 हजार रुपये में बेचते थे प्रति यूनिट

हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में ग्रामीणों को फल और प्रमाण पत्र का झांसा देकर अवैध रक्तदान शिविर लगाने और 15 हजार रुपये प्रति यूनिट खून बेचने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। केंद्रीय औषधि नियंत्रक और राज्य स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर की जांच शुरू कर दी है।

Five Arrested in Haridwar's Laksar for Running Fake Blood Donation Camps

HIGHLIGHTS

  • लक्सर में अवैध रक्तदान शिविर चलाने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार
  • बिजनौर में 12 से 15 हजार रुपये प्रति यूनिट बिकता था खून
  • मौके से 27 रक्त बैग और मेडिकल उपकरण बरामद
  • अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 फर्जी प्रमाण पत्र जब्त

दून हॉराइज़न, हरिद्वार (18 अगस्त 2026): हरिद्वार जिले के लक्सर में फर्जी रक्तदान शिविर (Haridwar Blood Smuggling) आयोजित कर जुटाया गया खून 12 से 15 हजार रुपये प्रति यूनिट के भाव पर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बेचने वाले 5 तस्करों को पुलिस ने दबोच लिया है। अलावलपुर तिराहे पर देर रात चेकिंग के दौरान दो कारों को रोका गया, जिनकी तलाशी में आइस बॉक्स के भीतर रखे 27 यूनिट रक्त से भरे बैग मिले। स्वास्थ्य विभाग और केंद्रीय औषधि विभाग ने इस पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा कस दिया है।

सीओ देवेंद्र नेगी को 16 अगस्त को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी वैधानिक अनुमति के रक्तदान शिविर चला रहे हैं। एकत्र किए गए रक्त को किसी अधिकृत ब्लड बैंक में जमा करने के बजाय अंतरराज्यीय बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की योजना तैयार की गई थी। सूचना मिलते ही सुल्तानपुर चौकी प्रभारी बीरेंद्र सिंह नेगी और भिक्कमपुर चौकी प्रभारी यशवीर सिंह नेगी ने पुलिस बल के साथ नाकेबंदी शुरू की।

अलावलपुर तिराहे पर पकड़ी गई पहली कार की डिग्गी में रखे आइस बॉक्स से 27 बैग ताजा खून और रक्त संग्रह संबंधी सामग्री बरामद हुई। दूसरी कार से चार डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, स्लाइड का डिब्बा, हाथ बांधने वाली चार बेल्ट और अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के नाम वाले 28 प्रमाण पत्र बरामद किए गए।

पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान अनित सैनी निवासी फतवा लक्सर, शुभम निवासी माड़ाबेला खानपुर, दुष्यंत कुमार निवासी बिजनौर, कावेन्द्र निवासी मुरादाबाद और दया सिंह निवासी संभल के रूप में हुई है। यह पूरा गिरोह लक्सर और आसपास के देहात क्षेत्रों में कैंप लगाकर सक्रिय था।

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि यह गिरोह ग्रामीणों को पुण्य का काम बताकर रक्तदान के लिए प्रेरित करता था। डोनर्स को मौके पर केला, सेब और अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर का प्रमाण पत्र थमा दिया जाता था। गिरोह ने लक्सर क्षेत्र में सात अलग-अलग जगहों पर शिविर लगाकर 250 से अधिक लोगों से लगभग 270 यूनिट खून जुटाया था।

लक्सर स्थित अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर की शाखा के नाम पर बांटे जा रहे प्रमाण पत्रों ने इस मामले में स्थानीय सांठगांठ को उजागर किया है। रक्तदाताओं को विश्वास में लेने के लिए इसी संस्था की पहचान का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी इससे पहले भी बिजनौर और मुरादाबाद के इलाकों में अनाधिकृत रूप से रक्त की कई खेप बेच चुके हैं।

ब्लड डोनेशन कैंप के जरिए अंतरराज्यीय तस्करी का भंडाफोड़ होने के बाद केंद्रीय औषधि नियंत्रक ने लक्सर के अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। केंद्र और राज्य की संयुक्त प्रशासनिक टीम ब्लड बैंक के दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय औषधि नियंत्रक के निर्देश पर संयुक्त जांच दल गठित किया गया है। अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर को कुछ ही महीने पहले केंद्र सरकार से संचालन का लाइसेंस मिला था। अनियमितताएं और अवैध बिक्री की पुष्टि होने पर इस केंद्र का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा।

राज्य स्वास्थ्य महानिदेशालय ने उत्तराखंड के सभी जनपदों में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शिविर में रक्तदान करने से पहले आयोजक संस्था के लाइसेंस, संबंधित अधिकृत ब्लड बैंक और रक्त परीक्षण केंद्र की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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