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रात में पेशाब के लिए अचानक उठना पड़ सकता है भारी, जानिये क्यों यह आदत बन सकती है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह

रात में अचानक नींद से जागकर पानी पीना या पेशाब के लिए जाना शरीर के रक्त संचार को प्रभावित कर जानलेवा स्ट्रोक का कारण बन सकता है। सही प्रक्रिया अपनाकर और शरीर को पूरी तरह सक्रिय कर ही बिस्तर से उठना हृदय और मस्तिष्क की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

Night Urination Health Risks

HIGHLIGHTS

  • नींद के दौरान धीमे रक्त प्रवाह के कारण अचानक उठने पर ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।
  • आधी नींद में पानी पीने के बजाय शरीर को 2-3 मिनट सक्रिय करने के बाद गुनगुना पानी पीना ही सुरक्षित है।
  • बिस्तर छोड़ने से पहले हाथ-पैर रगड़ने और कानों की मालिश करने से रक्त संचार संतुलित होता है।

Night Urination Health Risks : रात के सन्नाटे में जब आप गहरी नींद में होते हैं, तो आपका शरीर एक विशेष विश्राम अवस्था में होता है, लेकिन इसी दौरान की गई एक छोटी सी लापरवाही आपकी जान पर भारी पड़ सकती है।

अक्सर लोग रात में प्यास लगने या पेशाब की इच्छा होने पर झटके से उठकर खड़े हो जाते हैं, जो सीधे तौर पर ब्रेन स्ट्रोक या कार्डियक अरेस्ट को दावत देने जैसा है।

हमारे शरीर की बनावट में पानी की भूमिका 70 प्रतिशत है और हमारे 80 प्रतिशत रोगों का सीधा संबंध पानी पीने के तरीके से जुड़ा है। मेडिकल साइंस के अनुसार, जब हम सो रहे होते हैं, तो मस्तिष्क की ओर जाने वाला रक्त का प्रवाह काफी धीमा हो जाता है।

ऐसे में अचानक बिस्तर से उठने पर दिमाग को होने वाली रक्त की आपूर्ति (Blood Supply) कुछ सेकंड के लिए बाधित हो जाती है। यह क्षणिक रुकावट ही पैरालिसिस, स्ट्रोक या हार्ट फेलियर का मुख्य कारण बनती है।

रात में पानी पीने को लेकर लोग अक्सर गलती करते हैं। प्यास लगने पर कभी भी आधी नींद में या उठते ही तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए। फ्रिज का ठंडा पानी पीना इस स्थिति को और भी घातक बना देता है क्योंकि यह नसों में संकुचन पैदा कर सकता है।

सुरक्षित तरीका यह है कि आप पहले 2 से 3 मिनट बिस्तर पर ही बैठें ताकि शरीर पूरी तरह जाग जाए। इसके बाद सामान्य तापमान वाला या हल्का गुनगुना पानी ही पिएं। पानी पीने के बाद भी तुरंत लेटने के बजाय 4-5 मिनट बैठना पाचन और कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है।

पेशाब के लिए उठने की प्रक्रिया में और भी अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। जैसे ही पेशाब की इच्छा महसूस हो, झटके से खड़े होने के बजाय धीरे-धीरे उठकर बैठें।

अपने दोनों हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों को आपस में रगड़ें, जिससे शरीर में घर्षण के जरिए रक्त प्रवाह तेज हो सके। इसके अलावा, दोनों कानों के पीछे के हिस्से पर हल्के हाथों से मसाज करें। यह छोटी सी क्रिया मस्तिष्क तक रक्त के संचार को तुरंत संतुलित कर देती है।

चिकित्सकों का मानना है कि इन सुरक्षा उपायों को अपनाकर स्ट्रोक के जोखिम को लगभग शून्य किया जा सकता है। अक्सर लोग इन बारीकियों को नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि उन्हें इसके गंभीर परिणामों का अंदाजा नहीं होता।

अपनी जीवनशैली में इन छोटे बदलावों को शामिल करना न केवल आपकी एसिडिटी और एलर्जी जैसी समस्याओं को कम करेगा, बल्कि आपके हृदय की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।

Gudiya Sagar

गुड़िया सागर 'दून हॉराइज़न' की मल्टीमीडिया और ट्रेंडिंग न्यूज़ प्रोड्यूसर हैं। वे करियर, वायरल खबरों और वीडियो जर्नलिज्म में विशेष विशेषज्ञता रखती हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और युवाओं की पसंद को समझना गुड़िया की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी नौकरियों, शिक्षा और करियर से जुड़ी हर अहम जानकारी वे पूरी फैक्ट-चेकिंग के बाद ही युवाओं तक पहुंचाती हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों की सच्चाई (Fact Check) सामने लाने और वीडियो फॉर्मेट में निष्पक्ष खबरें पेश करने के लिए गुड़िया को पत्रकारिता जगत में विशेष रूप से जाना जाता है।

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