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Chronic Sinusitis Symptoms : ठंड में क्रोनिक साइनसिसिस कैसे बढ़ता है, जाने इससे बचने के आसान उपाय

Chronic Sinusitis Symptoms :सर्दियों में नाक बहने या छींक आने को सामान्य एलर्जी समझना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ये लक्षण लंबे समय तक रहें, तो यह 'क्रॉनिक साइनसाइटिस' का रूप ले लेते हैं।

Published on: January 19, 2026 7:13 AM
Chronic Sinusitis Symptoms
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HIGHLIGHTS

  • बड़ा खतरा: सामान्य सर्दी-जुकाम या एलर्जी का इलाज न होने पर यह क्रॉनिक साइनसाइटिस बन सकता है।
  • समय सीमा: अगर नाक बंद होने या सिरदर्द की समस्या 12 हफ्ते से ज्यादा रहे, तो यह गंभीर संकेत है।
  • सर्दियों के ट्रिगर: हीटर की सूखी हवा, बंद कमरों की फफूंदी और धूल साइनस को बढ़ाते हैं।
  • बचाव के उपाय: नमक के पानी से नाक की सफाई और भाप लेना सबसे कारगर घरेलू उपाय हैं।

Chronic Sinusitis Symptoms : सर्दियों की शुरुआत के साथ ही छींक आना, नाक बहना और आंखों से पानी आना आम हो जाता है। अक्सर लोग इसे मौसम का बदलाव या हल्की एलर्जी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

एलर्जी और साइनस में बारीक अंतरएलर्जी और साइनस के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं, जिससे मरीज भ्रमित हो जाते हैं। वे लंबे समय तक इसे एलर्जी मानकर घरेलू इलाज करते रहते हैं।

इस दौरान साइनस की सूजन और इन्फेक्शन बढ़ता जाता है। जब सूजन कई हफ्तों तक बनी रहती है, तो साइनस का नेचुरल ड्रेनेज (नाक की सफाई प्रक्रिया) ब्लॉक हो जाता है। इससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और हल्की एलर्जी एक गंभीर बीमारी में बदल जाती है।

हीटर और बंद कमरे बढ़ा रहे मुश्किल

ठंड में लोग हीटर का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, जिससे हवा में नमी कम हो जाती है। यह सूखी हवा, धूल के कण (डस्ट माइट्स) और बंद कमरों में पैदा होने वाली फफूंदी नाक के रास्ते में जलन पैदा करती है।

जिन लोगों को पहले से ‘एलर्जिक राइनाइटिस’ है, उनके लिए यह स्थिति और भी खतरनाक होती है। यह ट्रिगर बार-बार सूजन का कारण बनता है।

12 हफ्ते का नियम: कब जाएं डॉक्टर के पास

विशेषज्ञों के अनुसार, क्रॉनिक साइनसाइटिस एक धीमी गति से बढ़ने वाली बीमारी है। अगर नाक बंद होना, चेहरे पर भारीपन, लगातार सिरदर्द और नाक से गाढ़ा स्राव निकलने की समस्या 12 हफ्ते (3 महीने) या उससे ज्यादा समय तक बनी रहे, तो यह सामान्य जुकाम नहीं है। इसे लंबा खिंचा हुआ वायरल समझने की भूल न करें।

जांच और बचाव के उपाय

क्रॉनिक साइनसाइटिस से बचने के लिए नाक की नमी बरकरार रखना जरूरी है। नमक के पानी से नाक साफ करना (नेजल वॉश) और भाप लेना जलन और सूजन कम करने में मददगार साबित होता है। इससे बलगम ढीला होता है और जकड़न खुलती है।

अगर इन उपायों के बाद भी राहत न मिले, तो ईएनटी विशेषज्ञ एंडोस्कोपी या सीटी स्कैन की सलाह देते हैं।

इन जांचों के जरिए नाक के अंदर मांस बढ़ना (पॉलिप्स), हड्डी का टेढ़ा होना (सेप्टम विकृति) या अन्य बनावटी समस्याओं का पता लगाया जाता है, जो लक्षणों को ठीक नहीं होने दे रहे हैं।

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Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें।

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