Pathri Symptoms In Women : अक्सर देखा गया है कि गालब्लैडर यानी पित्ताशय की पथरी की शिकायत पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होती है। लिवर के ठीक नीचे मौजूद यह छोटा सा अंग पाचन में बड़ी भूमिका निभाता है।
यह बाइल (पित्त) एसिड को स्टोर करता है, जो शरीर में फैट को पचाने का काम करता है। जब इस बाइल में कोलेस्ट्रॉल और बिलिरुबिन का संतुलन बिगड़ता है, तो वे ठोस होकर पथरी का रूप ले लेते हैं।
महिलाओं में इस बीमारी के बढ़ने के पीछे उनकी जीवनशैली और शरीर में होने वाले कुदरती बदलाव जिम्मेदार हैं।
हार्मोनल बदलाव सबसे बड़ा कारण
महिलाओं में पथरी बनने का सबसे मुख्य कारण हार्मोनल उतार-चढ़ाव है। शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन लिवर में कोलेस्ट्रॉल के निर्माण को बढ़ा देता है।
इसी बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के कारण पित्ताशय में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में बड़े बदलाव आते हैं, जिससे यह जोखिम और अधिक हो जाता है।
इसके अलावा, जो महिलाएं गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करती हैं या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेती हैं, उनमें भी स्टोन बनने की आशंका अधिक रहती है।
मोटापा और क्रैश डाइटिंग का दोहरा खतरा
मोटापा स्त्री और पुरुष दोनों में पथरी का कारण बनता है क्योंकि इससे फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है। लेकिन, वजन घटाने का गलत तरीका महिलाओं के लिए मुसीबत बन जाता है।
अगर कोई महिला ‘क्रैश डाइट’ के जरिए या सर्जरी से बहुत तेजी से वजन घटाती है, तो पथरी होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। दरअसल, तेजी से वजन कम करने के दबाव में लिवर पित्त में अधिक एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल रिलीज करने लगता है, जो जमने लगता है।
खानपान और फैमिली हिस्ट्री
पथरी की समस्या के लिए कुछ बाहरी कारण भी जिम्मेदार होते हैं। अगर परिवार में पहले किसी को गालब्लैडर स्टोन रहा हो, तो यह जेनेटिक हो सकता है। इसके अलावा हाई फैट डाइट, तला-भुना खाना और डायबिटीज भी इस समस्या को जन्म देते हैं।
प्रेग्नेंसी के दौरान गालब्लैडर और पैनक्रियाज में सूजन या इन्फेक्शन होने का खतरा भी बना रहता है, जो आगे चलकर पथरी का कारण बन सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
पित्ताशय में पथरी होने पर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द होना इसका सबसे आम लक्षण है। यह दर्द कभी हल्का तो कभी बहुत तेज हो सकता है, जो कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक बना रह सकता है।
दर्द के साथ मितली और उल्टी आना भी सामान्य है। अगर आपको तैलीय खाना खाने के बाद अपच, ब्लॉटिंग या अजीब महसूस होता है, तो यह गालब्लैडर में दिक्कत का संकेत है।
पीलिया और बुखार खतरे की घंटी
अगर त्वचा पीली पड़ने लगे, तो तुरंत सावधान हो जाएं। गालब्लैडर का स्टोन जब पित्त की नली को ब्लॉक कर देता है, तो बाइल एसिड आंत में जाने के बजाय खून में मिलने लगता है, जिससे पीलिया हो जाता है।
वहीं, अगर पेट में भारीपन के साथ बुखार और ठंड लग रही है, तो इसका मतलब है कि गालब्लैडर या पैनक्रियाज में इन्फेक्शन फैल रहा है।















