home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

पति का साया उठा, खुद कैंसर की शिकार; अब देहरादून डीएम ने उठाया सुनीता के परिवार का जिम्मा

डोईवाला निवासी कैंसर पीड़ित विधवा सुनीता कलवार की मदद के लिए देहरादून जिला प्रशासन आगे आया है। डीएम सविन बंसल के निर्देश पर महिला को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है और उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू कराई गई है।

Published On: मई 22, 2026 6:49 अपराह्न
पति का साया उठा, खुद कैंसर की शिकार; अब देहरादून डीएम ने उठाया सुनीता के परिवार का जिम्मा

HIGHLIGHTS

  • राइफल क्लब फंड से सुनीता को 50 हजार रुपये की सहायता।
  • प्रोजेक्ट 'नंदा-सुनंदा' के तहत बेटी की शिक्षा दोबारा शुरू।
  • बेटे का भी स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराया गया।
  • कैंसर के इलाज के लिए जौलीग्रांट अस्पताल में चल रही है सुनीता की चिकित्सा।

देहरादून, 22 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। डोईवाला क्षेत्र में कैंसर से जूझ रही एक विधवा मां की पुकार पर देहरादून जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज और बच्चों की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर सुनीता कलवार को जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर 50 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। साथ ही उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी प्रशासन ने अपने कंधों पर ले ली है।

सुनीता कलवार ने हाल ही में जिलाधिकारी सविन बंसल से मुलाकात कर अपनी परेशानी साझा की थी। उन्होंने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर है। इसी बीच उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया। इलाज के भारी खर्च और सीमित आय के चलते बच्चों की स्कूल फीस जमा करना असंभव हो गया था, जिससे उनकी पढ़ाई छूटने की कगार पर थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल मदद के निर्देश जारी किए। जिला प्रशासन की ओर से ‘राइफल क्लब फंड’ के जरिए सुनीता को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।

प्रशासन ने सुनीता के बेटे का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराया। वहीं, बेटी की बाधित हो चुकी पढ़ाई को ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत दोबारा शुरू कराया गया है। प्रशासन के इस कदम से बच्चों का भविष्य अंधकार में जाने से बच गया।

ज्ञात हो कि सुनीता का 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। वर्तमान में भी उनका इलाज लगातार चल रहा है। इस दौरान परिवार को आर्थिक और मानसिक संबल देने के लिए प्रशासन उनके संपर्क में है।

देहरादून जिला प्रशासन बीते कुछ समय से जरूरतमंद परिवारों के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के जरिए स्कूल छोड़ चुकी सैकड़ों असहाय बालिकाओं को वापस मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा गया है। इसके अलावा बैंक ऋण, बिजली-पानी के बिल और चिकित्सा के मामलों में भी पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment