Kishtwar Encounter : किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने पिछले कई दिनों से जारी ऑपरेशन और जैश के तीन आतंकियों को मार गिराने के बाद आज औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स डेल्टा के जीओसी मेजर जनरल ए पी एस बल ने मीडिया को बताया कि यह सफलता महज दो दिनों का खेल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालिया ऑपरेशन पिछले 16 महीनों से जारी निरंतर प्रयासों और कड़ी सैन्य रणनीति का परिणाम है।
जीओसी ने जोर देते हुए कहा कि यह कामयाबी तो सिर्फ “आइसबर्ग का सिरा” है। इसका वास्तविक श्रेय उन गुमनाम योद्धाओं को जाता है जिन्होंने एक साल से अधिक समय तक पर्दे के पीछे रहकर काम किया। सुरक्षाबलों ने आतंकी गतिविधियों के हर इनपुट पर तत्काल कार्रवाई की और लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए। इस दौरान आर्मी डॉग स्क्वॉड ने आतंकियों को ट्रैक करने और उनसे संपर्क साधने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सैन्य अधिकारी ने बताया कि पहली बार सुरक्षाबलों ने कड़ाके की ठंड और 4 फीट बर्फ के बावजूद ऊंचाई वाले इलाकों में अपनी तैनाती बनाए रखी। किश्तवाड़ का यह भौगोलिक क्षेत्र अत्यंत चुनौतीपूर्ण है जहां सटीक सूचना मिलने के बाद भी टीम को पहुंचने में 6 से 8 घंटे लग जाते हैं। कई बार इस देरी का फायदा उठाकर आतंकी ठिकाने खाली कर भागने में सफल हो जाते थे।

16 महीने की लंबी ट्रैकिंग
मेजर जनरल एपीएस बल ने खुलासा किया कि जैश के इन आतंकियों की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां डेढ़ साल से नजर रख रही थीं। यह ऑपरेशन केवल हालिया इनपुट पर आधारित नहीं था बल्कि लंबे समय से तैयार की गई खुफिया रणनीति का हिस्सा था।
बर्फबारी में पहली बार तैनाती

जम्मू-कश्मीर के इस ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में सेना ने इस बार अपनी रणनीति बदली है। कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के दौरान भी जवानों ने मोर्चा नहीं छोड़ा। इसी दृढ़ता के कारण आतंकवादियों के छिपने के सुरक्षित ठिकाने अब खत्म हो रहे हैं।
आर्मी डॉग स्क्वॉड का योगदान
दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच आतंकियों की सटीक लोकेशन ट्रेस करने में सेना के खोजी कुत्तों ने अहम भूमिका निभाई। जीओसी ने उनके योगदान की सराहना करते हुए इसे तकनीकी और जांबाजी का बेहतरीन मेल करार दिया है।
भौगोलिक चुनौतियां और सटीक एक्शन
किश्तवाड़ की भौगोलिक बनावट ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बनती है। खड़ी चढ़ाई और संकरे रास्तों के कारण सैन्य टुकड़ियों को समय अधिक लगता है। इसके बावजूद सेना ने अपनी कार्यकुशलता से आतंकवादियों को घेरकर उनका सफाया सुनिश्चित किया है।









