उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब शहर के व्यस्त सेंट ज्यूड चौक के पास एक प्राइवेट बस में अचानक आग भड़क उठी। बस में सवार तमिलनाडु के लगभग 40 छात्र उस वक्त घबराहट में आ गए, जब इंजन से घना धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं।
ये छात्र देश भर की सैर पर निकले एक ग्रुप का हिस्सा थे। वे सुबह हरिद्वार से रवाना होकर देहरादून के मशहूर फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) घूमने जा रहे थे। एफआरआई वनस्पति और जंगल से जुड़े शोध के लिए जाना जाता है, जहां पर्यटक और छात्र अक्सर प्रकृति के करीब आने आते हैं। लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया, जो किसी बड़े संकट में बदल सकता था।
बस जैसे ही सेंट ज्यूड चौक के नजदीक पहुंची, इंजन से धुआं उठता दिखा। बस के अंदर धुआं भरते ही छात्रों में हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने फौरन समझदारी दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोका। इसी बीच वहां तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान और कुछ राहगीर तुरंत हरकत में आ गए।
त्वरित बचाव कार्य से टला बड़ा हादसा
ट्रैफिक पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू कर दिया। बस के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर एक-एक करके सभी छात्रों को बाहर निकाला गया। दमकल विभाग की गाड़ियां भी जल्दी पहुंचीं और आग पर काबू पाया। अच्छी बात यह रही कि आग ज्यादा फैलने से पहले ही सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कुछ छात्रों को धुएं से परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। लेकिन राहत की बात है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और सभी छात्र सकुशल हैं।
बसों में आग की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
देश में पिछले कुछ सालों में बसों में आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। अक्सर इंजन में शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग या रखरखाव की कमी इसके पीछे कारण होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित जांच और फायर सेफ्टी उपकरणों की अनिवार्यता से ऐसे हादसे रोके जा सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यात्रा सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
देहरादून पुलिस और प्रशासन की तारीफ करनी होगी कि उनकी फुर्ती से एक बड़ा हादसा टल गया। छात्रों का ग्रुप अब सुरक्षित है और उनकी आगे की यात्रा जारी रहेगी। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि सड़क यात्रा में सतर्कता कितनी जरूरी है।















