देहरादून, उत्तराखंड : शहर में जरूरी सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए सड़कों की खुदाई अब मुख्य रूप से रात के समय ही की जा सकेगी। इससे दिन के व्यस्त घंटों में ट्रैफिक जाम और लोगों की परेशानी कम होगी। जिलाधिकारी सोनिका की जगह हाल ही में पदभार संभालने वाले आईएएस अधिकारी सविन बंसल ने इस दिशा में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि विकास कार्य तेजी से हों लेकिन आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
शुक्रवार को हुई जिला स्तर की परियोजना समन्वय समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता खुद जिलाधिकारी सविन बंसल ने की। इसमें जल संस्थान, उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल), देहरादून स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट, एशियन डेवलपमेंट बैंक समर्थित प्रोजेक्ट्स, टाटा, वोडाफोन और एयरटेल जैसी कंपनियों सहित कुल दस विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में सीवर लाइन बिछाने, पेयजल पाइपलाइन डालने, बिजली की लाइनें भूमिगत करने और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने से जुड़े 63 नए प्रस्तावों और 22 पुराने मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने चल रहे कार्यों को तय नियमों के अनुसार जल्द पूरा करने की मंजूरी दी। हालांकि, क्रिसमस और नए साल के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए नए जरूरी कार्यों की अनुमति 2 जनवरी के बाद ही देने के निर्देश दिए गए।
रात में खुदाई के नए नियम
सार्वजनिक सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, सीवर और गैस पाइपलाइन को भूमिगत करने के लिए रात में सड़क खोदने की छूट दी जाएगी। लेकिन इस पर जिला प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) कड़ी निगरानी रखेगी। क्यूआरटी शहर में ऐसे कार्यों की नियमित जांच करती है और कोई उल्लंघन मिलने पर फौरन रिपोर्ट करती है।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि अनुमति से ज्यादा खुदाई करना, गड्ढे खुले छोड़ना या सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सामान जब्त करने से लेकर मुकदमा दर्ज करने तक की कार्रवाई होगी। रात में खुदाई करने वाली जगह पर सुबह तक गड्ढा पूरी तरह भरना जरूरी है। साथ ही, कार्य स्थल पर बैरिकेड्स लगाना और चेतावनी के साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।
मुख्य सड़कों पर कार्य केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही करने की अनुमति है। कुछ आंतरिक इलाकों में ही दिन के समय छूट दी गई है। सभी एजेंसियों को पर्याप्त कर्मचारी और मशीनें लगाकर काम तेजी से पूरा करने को कहा गया है।
सड़क बहाली और समन्वय पर जोर
कार्य खत्म होने के बाद सड़क को तुरंत वाहनों के चलने लायक बनाना होगा। खासकर ब्लैकटॉपिंग में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर निर्माण में लापरवाही या देरी से लोगों को परेशानी हुई, तो जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
एक महत्वपूर्ण निर्देश यह भी था कि अलग-अलग विभाग अपनी योजनाओं को आपस में समन्वय करके एक ही जगह पर क्लब करके करें। इससे एक ही सड़क को बार-बार नहीं खोदना पड़ेगा और लोगों को लंबे समय तक राहत मिलेगी।
बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, ट्रैफिक पुलिस के सीओ जगदीश पंत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह कदम देहरादून जैसे तेजी से बढ़ते शहर में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ ट्रैफिक और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।















