ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

उत्तराखंड के वनभूलपुरा में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, पांच मदरसों पर लगा ताला

हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित 5 मदरसों को प्रशासन ने सील कर दिया है, जिससे 452 बच्चों की पढ़ाई संकट में पड़ गई है। अभिभावक चिंतित हैं।

Published On: September 18, 2026 6:20 PM
Haldwani Madarsa Sealing

HIGHLIGHTS

  • हल्द्वानी के वनभूलपुरा में पांच मदरसे सील किए गए।
  • कार्रवाई से 452 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह ठप हुई।
  • संचालकों के पास वैध दस्तावेज और अनुमतियां नहीं मिलीं।
  • शिक्षा विभाग ने नजदीकी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश के निर्देश दिए।

दून हॉराइज़न, हल्द्वानी (18 सितंबर) : उत्तराखंड के संवेदनशील क्षेत्रों में शुमार हल्द्वानी के वनभूलपुरा में प्रशासन ने अवैध संचालन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दस्तावेजों की कमी के चलते अधिकारियों ने पांच मदरसों पर ताला जड़ दिया है, जिसके बाद से वहां तालीम हासिल कर रहे सैंकड़ों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में आने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 452 बताई जा रही है, जिनकी पढ़ाई फिलहाल पूरी तरह रुक गई है।

बीते 25 अगस्त से पांच सितंबर के बीच प्रशासनिक अमले ने वनभूलपुरा के विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण और छापेमारी की थी। इस दौरान अधिकारियों ने मदरसा संचालकों से मान्यता और संचालन से जुड़े कागजात मांगे, लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। नियमों की अनदेखी मिलने पर प्रशासन ने फौरी कदम उठाते हुए इन संस्थानों को सील कर दिया।

जिन संस्थानों पर गाज गिरी है, उनमें लाइन नंबर 17 का तालिमुलइस्लाम, गौजाजाली का जामिया फातिमा जोहरा, शनि बाजार का जामियानूरियां, नई बस्ती इंद्रानगर का रमजान आर्गनाजेशन और ईशातुलहक मदरसा शामिल हैं।

अचानक हुई इस सीलिंग की कार्रवाई से बच्चों के अभिभावकों और प्रबंधकों में गहरी चिंता व्याप्त है। स्थानीय प्रबंधकों का तर्क है कि वे लंबे समय से पत्राचार और आवेदन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया की सुस्ती का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

गौजाजाली स्थित मदरसा प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि सत्र के बीच में पढ़ाई रुकने से नौनिहालों का पूरा साल बर्बाद होने का डर सता रहा है। अभिभावक लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इन बच्चों की आगे की पढ़ाई कैसे सुचारू होगी।

दूसरी ओर, प्रशासनिक और शिक्षा विभाग के अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का दावा कर रहे हैं। हल्द्वानी के खंड शिक्षाधिकारी तारा सिंह के अनुसार, प्रभावित छात्रों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन्हें नजदीकी सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिफ्ट किया जा सके।

उपजिलाधिकारी मोनिका ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की शिक्षा किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होने दी जाएगी और इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को त्वरित कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment