ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Nag Devta Puja : नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा कैसे करें? जानें जीवित सांप से जुड़े धार्मिक नियम

नाग पंचमी पर जीवित सांप की पूजा करने और उसे दूध पिलाने की बजाय नाग देवता की प्रतिमा या प्रतीक रूप का पूजन करना ही शास्त्र सम्मत है. इस दिन भूमि की खुदाई न करने के पीछे भी जीवों की सुरक्षा और प्रकृति संरक्षण का गहरा संदेश छिपा है.

Published On: August 17, 2026 11:15 AM
Nag Devta Puja

Nag Devta Puja : सावन के महीने में नाग पंचमी का पर्व प्रकृति और जीवों के प्रति आभार जताने का दिन है. इस बार नाग पंचमी और सावन के सोमवार का खास संयोग एक साथ बना है.

ऐसे में कई लोग आस्था के नाम पर जीवित सांपों को पकड़कर उनकी पूजा करने या दूध पिलाने की कोशिश करते हैं. पूजा का यह तरीका धार्मिक मान्यताओं और जीव विज्ञान दोनों के हिसाब से गलत है.

जीवित सांप की पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए?

शास्त्रों में नाग देवता की पूजा का विधान है, न कि किसी जीवित जीव को संकट में डालने का. नाग पंचमी पर जीवित सांप को पकड़ना, उसे टोकरी में रखकर घुमाना या उसके सामने भीड़ लगाना जीव के साथ क्रूरता की श्रेणी में आता है.

धार्मिक परंपराओं के अनुसार घर के मंदिर में धातु की प्रतिमा, मिट्टी से बने नाग देवता या उनकी तस्वीर की पूजा करनी चाहिए. कई क्षेत्रों में घर के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से नाग की आकृति बनाकर उसकी पूजा करने की सुंदर परंपरा है.

सांप को दूध पिलाना पुण्य नहीं, नुकसानदेह है

अक्सर लोग नाग पंचमी पर सांप को दूध पिलाने को बड़ा पुण्य का काम मानते हैं, जबकि यह एक खतरनाक भ्रम है.

पाचन तंत्र: सांप एक मांसाहारी और सरीसृप (Reptile) जीव है. उसका शरीर दूध पचाने के लिए नहीं बना होता.

स्वास्थ्य पर असर: जबरन दूध पिलाने से सांप की आंतों में गंभीर संक्रमण हो सकता है, जिससे उसकी जान तक जा सकती है.

सुरक्षित विकल्प: नाग देवता को प्रतीक रूप में दूध का भोग लगाएं या शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें.

नाग पंचमी के दिन जमीन की खुदाई क्यों वर्जित है?

नाग पंचमी के दिन खेत जोतना, फावड़ा चलाना या किसी भी तरह की भूमि खुदाई करना मना माना जाता है. इसके पीछे बेहद समझदारी भरा व्यावहारिक कारण है:

बरसात के दिनों में जमीन गीली हो जाती है और सांप समेत कई छोटे जीव जमीन के भीतर बने बिलों में शरण लेते हैं. ऐसे मौसम में खुदाई करने या हल चलाने से उनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाते हैं और बेजुबान जीवों के घायल होने का खतरा बढ़ जाता है.

घर पर कैसे करें नाग देवता की सही पूजा?

सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा का संकल्प लें. भगवान शिव और नाग देवता की प्रतिमा या चित्र को गंगाजल से शुद्ध करें.

नाग देवता को हल्दी, कुमकुम, अक्षत, फूल और कच्चा दूध अर्पित करें. ‘ॐ नागदेवताय नमः’ या ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें.

जीव-जंतुओं के प्रति दया भाव रखने का संकल्प लेकर पूजा पूरी करें.

नाग पंचमी का मूल संदेश प्रकृति और जीवों का संरक्षण करना है, न कि उन्हें किसी प्रकार का कष्ट पहुंचाना.

Advertisement

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

Leave a Comment