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Namo Bharat Extension : दिल्ली से ऋषिकेश मात्र 3 घंटे में, नमो भारत ट्रेन को हरिद्वार तक विस्तार देने की तैयारी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को दिया है। इस विस्तार से दिल्ली और ऋषिकेश के बीच का सफर सिमटकर महज 3 घंटे रह जाने की उम्मीद है।

Published On: अप्रैल 9, 2026 11:16 अपराह्न
Namo Bharat Extension : दिल्ली से ऋषिकेश मात्र 3 घंटे में, नमो भारत ट्रेन को हरिद्वार तक विस्तार देने की तैयारी

HIGHLIGHTS

  • प्रस्तावित रूट: मेरठ के मोदिपुरम से शुरू होकर खतौली, रुड़की और हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश तक विस्तार।
  • कनेक्टिविटी: नेशनल हाईवे-58 के समानांतर ट्रैक बिछाने और देहरादून-ऋषिकेश के बीच अलग मेट्रो कॉरिडोर का सुझाव।
  • आर्थिक प्रभाव: पर्यटन के साथ-साथ हरिद्वार-रुड़की बेल्ट में रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल टाउनशिप को गति मिलने की संभावना।

देहरादून, 09 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी ‘नमो भारत’ ट्रेन को हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव रखा है। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि इस विस्तार से न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

वर्तमान में नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदिपुरम तक निर्माणाधीन और संचालित है। मुख्यमंत्री के प्रस्ताव के अनुसार, इस कॉरिडोर को मोदिपुरम से आगे बढ़ाकर नेशनल हाईवे-58 के समानांतर हरिद्वार और ऋषिकेश तक ले जाया जाना चाहिए। धामी ने इसके साथ ही देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच एक एकीकृत मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय आवागमन को सुगम बनाया जा सके।

प्रस्तावित योजना के तहत यह ट्रेन दौराला, सकौती, खतौली, पुरकाजी और रुड़की जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों को जोड़ेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान सीधे तौर पर दिल्ली-एनसीआर से हाई-स्पीड रेल के जरिए जुड़ जाएंगे। यदि केंद्र सरकार इस पर मुहर लगाती है, तो दिल्ली से ऋषिकेश तक की करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को केवल 150 से 180 मिनट का समय लगेगा।

हालांकि, इस परियोजना की राह में भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियां भी स्पष्ट हैं। रुड़की से ऋषिकेश के बीच का मार्ग राजाजी नेशनल पार्क के बफर जोन और संवेदनशील वन क्षेत्रों से गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण के लिए कड़े पर्यावरणीय क्लियरेंस और वन विभाग की आपत्तियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की लागत और तकनीकी जटिलताएं भी प्रोजेक्ट की समयसीमा को प्रभावित कर सकती हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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