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Nanda Ki Chauki Bridge : सिर्फ 16 दिन में धंस गई सड़क, अब PWD ने ठेकेदार कंपनी पर लिया सबसे बड़ा एक्शन

देहरादून के नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई करते हुए निर्माणकर्ता कंपनी हिमालयन कंस्ट्रक्शन का पंजीकरण निलंबित कर दिया है। तीन विभागीय इंजीनियरों को सस्पेंड करने के बाद अब ठेकेदार कंपनी को भी राज्य के भावी टेंडरों से बाहर कर दिया गया है।

Nanda Ki Chauki Bridge : सिर्फ 16 दिन में धंस गई सड़क, अब PWD ने ठेकेदार कंपनी पर लिया सबसे बड़ा एक्शन

HIGHLIGHTS

  • हिमालयन कंस्ट्रक्शन का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित
  • कंपनी PWD उत्तराखंड की टेंडर प्रक्रिया में प्रतिबंधित
  • 28 जुलाई 2026 को धंसी थी नंदा की चौकी एप्रोच रोड
  • बीजेपी नेता रुचि भट्ट ने कंपनी में हिस्सेदारी स्वीकारी

देहरादून, 9 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Nanda Ki Chauki Bridge : देहरादून में नंदा की चौकी के पास टौंस नदी पर बनी एप्रोच रोड धंसने के मामले में लोक निर्माण विभाग ने मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। विभाग ने कंपनी के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उत्तराखंड में आगामी सभी सरकारी निविदाओं से बाहर कर दिया है।

इस निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे तीन विभागीय इंजीनियरों को 7 अगस्त को ही निलंबित कर दिया गया था। सड़क धंसने की घटना के महज 10 दिन के भीतर इंजीनियरों पर गाज गिरी और ठीक अगले दिन 8 अगस्त को ठेकेदार फर्म पर कार्रवाई का आदेश जारी हुआ।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 पर देहरादून से हरिद्वार मार्ग के किलोमीटर 143 में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के पास टौंस नदी पर पुराने जर्जर पुल के पुनर्निर्माण का काम चल रहा था। 28 जुलाई 2026 की सुबह इलाके में हुई भीषण बारिश और फ्लैश फ्लड के चलते एप्रोच रोड का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया।

इस काम के लिए लोक निर्माण विभाग ने अनुबंध संख्या 36/SE-09/2025-26 के तहत 31 जनवरी 2026 को मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन को ठेका सौंपा था। कंपनी का पता 250 सारथी विहार, देहरादून दर्ज है और इसी फर्म को पुल के सुदृढ़ीकरण तथा एप्रोच रोड के निर्माण का जिम्मा मिला था।

महज 16 दिन पहले तैयार की गई सड़क में अचानक इतना विशाल गड्ढा बनने से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान यह बात सामने आई कि नई बनी सड़क का इतनी जल्दी ध्वस्त होना सीधे तौर पर लापरवाही की तरफ इशारा करता है।

घटना के तुरंत बाद 28 जुलाई को ही पीडब्ल्यूडी सचिव ने क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के मुख्य अभियंता को मामले की प्राथमिक जांच सौंपने का आदेश दिया। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी अभिलेखीय सबूतों के साथ निष्पक्ष और विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश की जाए।

मुख्य अभियंता ने 3 अगस्त 2026 को अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इस रिपोर्ट में एप्रोच रोड को पहुंचे नुकसान की मुख्य वजह नदी के तेज बहाव से अपस्ट्रीम प्रोटेक्शन वॉल के नीचे हुए भारी कटाव यानी हैवी स्कॉरिंग को बताया गया।

शुरुआती जांच में मौके पर पानी के नीचे कटाव की वास्तविक गहराई (Scour Depth) का सटीक अंदाजा नहीं लग पाया। इसके लिए जांच अधिकारी ने ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार (GPR) और इलेक्ट्रिकल रेजिस्टिविटी टेस्ट (ERT) जैसी वैज्ञानिक तकनीकों से सर्वे कराने की सिफारिश की है।

इन दोनों आधुनिक परीक्षणों के जरिए जमीन के अंदरूनी ढांचे और कटाव के प्रभाव का सही वैज्ञानिक डेटा निकाला जाएगा। इस टेस्ट रिपोर्ट के आने के बाद ही पुल की मुख्य संरचना पर पड़े असर का सटीक मूल्यांकन संभव हो सकेगा।

मामले में नया मोड़ तब आया जब बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने हिमालयन कंस्ट्रक्शन में अपनी हिस्सेदारी होने की बात खुलकर स्वीकार कर ली। उन्होंने दून हॉराइज़न से बातचीत में स्पष्ट कहा कि वह कंपनी में पार्टनर हैं और इस नाते अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

रुचि भट्ट ने अपने बयान में कहा कि सरकार और लोक निर्माण विभाग द्वारा जो भी विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वह उसका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि अपनी कंपनी के कामकाज की पूरी जवाबदेही उनकी अपनी है।

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे और सरकार जो अंतिम निर्णय लेगी, उसका पालन करने की बात रुचि भट्ट ने कही है। फिलहाल पूरी विभागीय कार्रवाई की आगे की दिशा जीपीआर और ईआरटी की आने वाली अंतिम तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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