नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand NCC Expansion : राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स (YSM, SM, VSM) ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में एनसीसी का रणनीतिक विस्तार करना है। संगठन की पहुंच को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर व्यापक मंथन हुआ।
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इन दूरस्थ पहाड़ी इलाकों तक एनसीसी की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना दोनों पक्षों की प्राथमिकता में शामिल है। स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा के अनुशासन और सैन्य प्रशिक्षण ढांचे से जोड़ने की सख्त जरूरत पर सहमति बनी।
लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों में नई एनसीसी इकाइयों के गठन की आवश्यकता पर बल दिया। दूरस्थ क्षेत्रों में नई यूनिट खुलने से अधिकाधिक युवाओं को सीधे तौर पर संगठन से जुड़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को भविष्य की कई महत्वपूर्ण योजनाओं की रूपरेखा से अवगत कराया।
इस रूपरेखा में सबसे अहम मुद्दा राज्य में प्रस्तावित एनसीसी अकादमी की स्थापना है। इसके साथ ही आधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना के विकास और मौजूदा प्रशिक्षण सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के प्रस्ताव रखे गए। उच्च स्तरीय कैडेट ट्रेनिंग के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन प्रस्तावों पर राज्य सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास और उनमें नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा-भाव पैदा करना सरकार की नीतियों का एक प्रमुख हिस्सा है।
उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर को देश का एक अत्यंत प्रतिष्ठित संगठन बताया। युवाओं के भीतर राष्ट्रीय चरित्र, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में एनसीसी का योगदान निर्विवाद है। राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में इस संगठन की भूमिका को उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण करार दिया।
राज्य में एनसीसी के विस्तार और प्रस्तावित बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी सभी पहलों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से इन परियोजनाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इन सभी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी।
इन साझा प्रयासों का सीधा असर जमीनी स्तर पर देखने को मिलेगा। राज्य के युवाओं को व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व प्रशिक्षण के कहीं अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। सीमांत क्षेत्रों के युवा सीधे तौर पर राष्ट्र सेवा के अहम अभियानों का हिस्सा बन सकेंगे।













