धर्म डेस्क, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। Vastu Dosh Upay : घर में लगातार बना रहने वाला तनाव, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां अक्सर वास्तु दोष का संकेत होती हैं, जिसे लोग भारी निर्माण के डर से नजरअंदाज कर देते हैं।
वास्तु शास्त्र में स्पष्ट है कि सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए घर की दीवारों को तोड़ना अनिवार्य नहीं है, बल्कि जीवनशैली और घर की व्यवस्था में छोटे बदलाव करके भी किस्मत बदली जा सकती है।
स्वच्छता और कबाड़ से मुक्ति
वास्तु का सबसे बुनियादी नियम स्वच्छता है। घर के कोनों, स्टोर रूम या बंद पड़े कमरों में जमा धूल और गंदगी नकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत बनती है।
टूटे हुए बर्तन, खराब इलेक्ट्रॉनिक्स और बंद पड़ी घड़ियां घर की उन्नति को रोक देती हैं। इन बेकार वस्तुओं को घर से तुरंत हटाना ही वास्तु दोष के प्रभाव को कम करने की पहली सीढ़ी है।
फर्नीचर की दिशा और ऊर्जा का संतुलन
भारी फर्नीचर जैसे अलमारी, सोफा सेट या भारी बेड हमेशा दक्षिण (South) और पश्चिम (West) दिशा की दीवारों से सटाकर रखने चाहिए।
इसके विपरीत, उत्तर और पूर्व दिशा को जितना हो सके हल्का और खुला रखना चाहिए।
यह संतुलन घर में ऊर्जा के प्रवाह को सुचारु बनाता है और घर के मुखिया के आत्मविश्वास में वृद्धि करता है।

नमक और प्राकृतिक रोशनी का प्रभाव
नकारात्मकता को सोखने के लिए सेंधा नमक रामबाण माना जाता है। सप्ताह में कम से कम एक बार पोंछे के पानी में नमक मिलाकर सफाई करने से वातावरण की शुद्धि होती है।
साथ ही, सुबह की ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी के लिए खिड़कियां खुली रखना जरूरी है।
अंधेरे और बंद कमरों में ऊर्जा का दम घुटने लगता है, जिससे घर के सदस्यों में चिड़चिड़ापन बढ़ता है।
ईशान कोण और दर्पण का विज्ञान
घर के उत्तर-पूर्व हिस्से यानी ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना गया है। यहां पूजा स्थल होना सबसे शुभ है, बशर्ते वहां कोई कबाड़ या भारी सामान न हो।
इसके अलावा, बेडरूम में दर्पण (Mirror) की स्थिति पर गौर करना अनिवार्य है। यदि दर्पण बेड के ठीक सामने है, तो यह अनिद्रा और वैवाहिक क्लेश का कारण बनता है।
इसे हमेशा उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाना फलदायी होता है।
इन 5 नियमों का रखें खास ध्यान

- तुलसी और मनी प्लांट: घर में तुलसी, एलोवेरा या मनी प्लांट जैसे पौधे लगाएं, लेकिन कांटेदार पौधों (कैक्टस) से सख्त परहेज करें।
- मुख्य द्वार की सफाई: घर के प्रवेश द्वार पर जूते-चप्पलों का ढेर न लगने दें, यह महालक्ष्मी के आगमन में बाधा डालता है।
- सूखे फूल: गुलदस्ते में कभी भी सूखे या मुरझाए फूल न रहने दें, यह मृत्यु और शोक की ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
- पानी की बर्बादी: नल से पानी का टपकना सीधे तौर पर धन की बर्बादी से जुड़ा है, इसे तुरंत ठीक करवाएं।
- शाम की जोत: सूर्यास्त के समय घर के मंदिर या मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं।












