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Vastu Tips For Makdi Ka Jala : घर में मकड़ी के जाले क्यों माने जाते हैं अशुभ, जानिए वास्तु का रहस्य

Vastu Tips For Makdi Ka Jala : हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर में मकड़ी के जाले को बेहद अशुभ और दरिद्रता का सूचक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, जाले नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं जिससे मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं और घर में पितृ दोष उत्पन्न होता है। वास्तु के मुताबिक, इसे तुरंत हटाने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार दोबारा शुरू होता है।

Published on: January 20, 2026 6:14 AM
Vastu Tips For Makdi Ka Jala
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HIGHLIGHTS

  • लक्ष्मी का वास नहीं: जिस घर में मकड़ी के जाले होते हैं, वहां देवी लक्ष्मी नहीं ठहरतीं।
  • ग्रहों का प्रकोप: पुराने जाले घर में राहु-केतु और शनि दोष को सक्रिय करते हैं।
  • दिशाओं का असर: उत्तर दिशा में जाला धन हानि और दक्षिण दिशा में जाला पितृ पीड़ा का कारण बनता है।
  • उपाय: जालों को तुरंत हटाकर बहते पानी में प्रवाहित करने का विधान है।

Vastu Tips For Makdi Ka Jala : हिंदू मान्यताओं में घर को मंदिर समान पवित्र माना जाता है, जहां देवी-देवताओं का वास होता है। शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि सफाई और पवित्रता ही लक्ष्मी कृपा का मुख्य आधार है।

अक्सर हम घर के कोनों में लगे मकड़ी के जालों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे गंभीर वास्तु दोष माना गया है। यह केवल गंदगी नहीं, बल्कि घर में आने वाली मुसीबतों का संकेत है।

दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत

मकड़ी का जाला घर में तामसिक ऊर्जा का भंडार माना जाता है। यह उन नकारात्मक शक्तियों को अपनी ओर खींचता है जो परिवार की सुख-शांति को भंग करती हैं।

शास्त्रों में वर्णित है—’जालं स्पृशति गृहे तत्र लक्ष्मीर्न निवसति।’ इसका अर्थ है कि जिस स्थान पर जाला होता है, वहां धन की देवी लक्ष्मी कभी निवास नहीं करतीं। जाला लगे रहने से पूजा-पाठ का शुभ फल भी निष्फल हो जाता है।

दिशाओं के अनुसार अशुभ प्रभाव

वास्तु शास्त्र केवल जाले को ही नहीं, बल्कि उसके स्थान को भी महत्वपूर्ण मानता है। यदि जाला घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में लगा है, तो यह संतान पक्ष के लिए कष्टकारी माना जाता है।

दक्षिण दिशा में लगा जाला पितृ दोष और पीड़ा को बढ़ाता है। वहीं, उत्तर दिशा जिसे कुबेर का स्थान माना जाता है, वहां जाला होने से धन का आगमन रुक जाता है और संचित धन भी खर्च होने लगता है।

ग्रहों की चाल और पारिवारिक कलह

ज्योतिषीय दृष्टि से मकड़ी के जाले राहु-केतु के बुरे प्रभाव और भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं। घर में पुराने जाले शनि दोष को भी सक्रिय कर देते हैं।

इसके चलते परिवार में बिना कारण कलह, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और नौकरी-व्यापार में अचानक रुकावटें आने लगती हैं।

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार भी घर में जाला हमेशा तमोगुण यानी अंधकार और अज्ञान को बढ़ाता है।

तुरंत सफाई है एकमात्र उपाय

इन दोषों से बचने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय घर की नियमित सफाई है। जैसे ही कहीं मकड़ी का जाला दिखे, उसे तुरंत हटा देना चाहिए। वास्तु के अनुसार, हटाए गए जाले को घर के बाहर या बहते पानी में विसर्जित करना चाहिए।

ऐसा करने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है, पितृ शांत होते हैं और घर में दोबारा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह शुरू हो जाता है।

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Ganga

गंगा एक अनुभवी धार्मिक समाचार लेखिका हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 3 वर्षों से अधिक का लेखन अनुभव प्राप्त है। धर्म, संस्कृति और आस्था से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है। वे सटीक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन शैली के लिए जानी जाती हैं। गंगा का उद्देश्य पाठकों तक धार्मिक घटनाओं, परंपराओं और समसामयिक समाचारों को सरल और विश्वसनीय रूप में पहुँचाना है।

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