Vastu Tips : वास्तु नियमों के मुताबिक घर में पुराना कैलेंडर रखना या नए कैलेंडर को पुराने के ऊपर लटकाना आपकी प्रगति को रोक सकता है। यह स्थिति स्वास्थ्य और करियर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
यदि कैलेंडर में देवी-देवताओं की तस्वीरें हैं, तो उसे कचरे में फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक जल में प्रवाहित करना चाहिए।
कैलेंडर के लिए शुभ और अशुभ स्थान
कैलेंडर लगाने के लिए पश्चिम दिशा को सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि यह बहाव की दिशा है। इसके अलावा उत्तर दिशा, जो भगवान कुबेर का स्थान है, वहां कैलेंडर लगाने से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।
वहीं दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाना वर्जित है क्योंकि यह समय का सूचक है और इस दिशा में होने से सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। मुख्य द्वार के ठीक पास या दरवाजे के पीछे भी कैलेंडर लगाने से बचना चाहिए।
घड़ी की दिशा और सकारात्मक ऊर्जा
वास्तु के अनुसार दीवार घड़ी लगाने के लिए पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी गई है। पूर्व दिशा में लगी घड़ी घर के भीतर सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को तेज करती है।
इसके विपरीत, दक्षिण दिशा में, दरवाजे के ऊपर या बिस्तर के ठीक सामने घड़ी लगाने से मानसिक तनाव और नकारात्मकता बढ़ती है।
घड़ी का समय हमेशा सटीक होना चाहिए क्योंकि पीछे चलने वाली घड़ी व्यक्ति के विकास को धीमा कर देती है।
घड़ी का आकार और रंग
घर के लिए गोल या ओवल (अंडाकार) आकार की घड़ी सबसे बेहतर विकल्प है जो जीवन में सुख-शांति सुनिश्चित करती है। पेंडुलम वाली घड़ी और आठ भुजाओं वाली घड़ी भी गृह-क्लेश को कम करने में सहायक होती हैं।
हालांकि, तिकोनी घड़ी लगाने से बचना चाहिए क्योंकि यह विवादों को जन्म दे सकती है। नीले, काले या केसरिया रंग की घड़ियों के बजाय हल्के रंगों को प्राथमिकता देना वास्तु सम्मत है।



















