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खाने के तुरंत बाद चाय पीने की आदत शरीर को बना रही खोखला, जानिए सेहत पर इसका असर

भारतीय घरों में नाश्ते या खाने के साथ चाय पीने की आदत बहुत आम है। लेकिन यह आदत आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी, एसिडिटी और पाचन से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन सकती है।

Published On: August 3, 2026 7:26 AM
Tea After Food Side Effects

Tea After Food Side Effects : भारतीय घरों में मेहमानों के स्वागत से लेकर खाने के बाद मुंह का स्वाद बदलने तक के लिए चाय परोसना एक पुरानी परंपरा है। बहुत से लोग दोपहर या रात के भोजन के साथ या उसके तुरंत बाद चाय पीना पसंद करते हैं।

लेकिन गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (पाचन तंत्र विज्ञान) के नजरिए से यह आदत शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा रही है। भोजन के तुरंत बाद चाय की चुस्की लेना आपकी थाली के जरूरी पोषक तत्वों को नष्ट कर देता है।

पोषक तत्वों पर टैनिन और कैफीन का हमला

जब आप रोटी या पराठे के साथ चाय पीते हैं, तो चाय में शामिल टैनिन और कैफीन सक्रिय हो जाते हैं। ये तत्व भोजन के पोषक तत्वों के साथ मिलकर एक ऐसा लॉकिंग सिस्टम बनाते हैं जिससे शरीर इन्हें सोख नहीं पाता।

चाय भारतीय खानपान संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन भोजन के दौरान या तुरंत बाद चाय पीने से पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण पर गंभीर और अनचाहे असर पड़ते हैं।

आयरन की कमी और एनीमिया का बढ़ता खतरा

भोजन के साथ चाय पीने का सबसे बड़ा नुकसान शरीर में आयरन यानी लौह तत्व के अवशोषण में कमी आना है। चाय में पाए जाने वाले टैनिन और पॉलीफेनॉल यौगिक सीधे नॉन-हीम आयरन से जुड़ जाते हैं। यह नॉन-हीम आयरन हमें सब्जियों, दालों और अनाजों जैसे पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों से मिलता है। जब ये यौगिक आयरन से बंध जाते हैं, तो शरीर इसे अवशोषित नहीं कर पाता। इस कारण महिलाओं, शाकाहारियों, किशोरों और बुजुर्गों में एनीमिया का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

पाचन एंजाइम्स में बाधा और पेट का भारीपन

चाय में मौजूद टैनिन केवल आयरन ही नहीं, बल्कि हमारे पाचन एंजाइम्स की कार्यप्रणाली में भी रुकावट डालते हैं। इसकी वजह से भोजन में मौजूद प्रोटीन का सही तरीके से टूटना मुश्किल हो जाता है।

जो लोग संवेदनशील पाचन तंत्र से परेशान हैं, उन्हें इसके कारण भोजन के बाद पेट फूलने, भारीपन और असहजता का सामना करना पड़ता है। पहले से पाचन की समस्या झेल रहे लोगों के लिए यह स्थिति और अधिक कष्टदायक हो जाती है।

एसिड रिफ्लक्स और गैस्ट्रिक एसिड की समस्या

भोजन के तुरंत बाद चाय पीने से पेट में गैस्ट्रिक एसिड यानी पेट के अम्ल का स्राव तेजी से बढ़ जाता है। यह स्थिति सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसे लक्षण पैदा करती है।

गैस्ट्रो क्लिनिक में ऐसे मरीजों की संख्या काफी आम है जो एसिड रिफ्लक्स (GERD), गैस्ट्राइटिस और पेप्टिक अल्सर से परेशान हैं और भोजन के बाद चाय पीते हैं।

आंतों पर कैफीन का असर और हड्डियों की कमजोरी

चाय के भीतर मौजूद कैफीन हमारी आंतों की गति को तेज करने का काम करता है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से पीड़ित लोगों में इसके कारण भोजन के तुरंत बाद शौच जाने की इच्छा, दस्त या पेट में तेज मरोड़ की समस्या बढ़ जाती है।

इसके अलावा, एक कम चर्चित नुकसान कैल्शियम के अवशोषण पर भी पड़ता है। लंबे समय तक भोजन के साथ नियमित चाय पीने से और शरीर में अन्य पोषण की कमी होने से हड्डियों की सेहत पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ता है।

आदत बदलने की है जरूरत

इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप चाय पीना पूरी तरह से बंद कर दें। सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ चाय पीने के सही समय का चुनाव करना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार भोजन करने के कम से कम एक से दो घंटे बाद ही चाय पीनी चाहिए।

ऐसा करने से पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है। अगर भोजन के बाद गर्म पेय की इच्छा हो, तो टैनिन और कैफीन मुक्त हर्बल टी एक बेहतरीन और हल्का विकल्प साबित हो सकती है।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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