Korean Bamboo Salt : दुनिया के सबसे महंगे और दुर्लभ खाद्य पदार्थों की सूची में शामिल दक्षिण कोरियाई ‘बैंबू सॉल्ट’ अपनी आसमान छूती कीमतों और हैरान करने वाली मेकिंग प्रोसेस को लेकर चर्चा में है। आमतौर पर चंद रुपयों में मिलने वाले साधारण नमक के उलट इस विशेष नमक, जिसे स्थानीय भाषा में ‘जुग्योम’ कहा जाता है, की कीमत 30,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जाती है।
इस नमक की इतनी अधिक कीमत होने का सबसे बड़ा कारण इसकी श्रमसाध्य और पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया है। जुग्योम को तैयार करने में करीब 45 से 50 दिनों का लंबा वक्त लगता है, जिसमें समुद्र से निकाले गए नमक को बांस के खोल में भरकर अत्यधिक ऊंचे तापमान पर तपाया जाता है।
प्रक्रिया के दौरान समुद्री नमक को तीन साल पुराने बांस के पाइपों में भरा जाता है और फिर पीले रंग की मिट्टी से दोनों सिरों को सील कर दिया जाता है। इसके बाद इसे चीड़ की लकड़ी की आग में लगभग 800°C से 1000°C के तापमान पर भुना जाता है, जिससे बांस का तेल नमक में मिल जाता है।
हैरत की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे 9 बार दोहराया जाता है। नौवीं बार में तापमान को बढ़ाकर 1500°C के पार ले जाया जाता है, जिससे नमक पूरी तरह पिघलकर तरल लावा बन जाता है और ठंडा होने पर पत्थर जैसा सख्त हो जाता है।
विशेषज्ञों का दावा है कि बार-बार आग में तपने की वजह से इस नमक की अशुद्धियां पूरी तरह खत्म हो जाती हैं और इसमें बांस व मिट्टी के खनिज समाहित हो जाते हैं। अंतिम चरण के बाद इस नमक का रंग हल्का बैंगनी (Purple) हो जाता है, जिसे ‘पर्पल बैंबू सॉल्ट’ के नाम से भी जाना जाता है।
सेहत के लिहाज से इसे दुनिया का सबसे स्वास्थ्यवर्धक नमक माना जाता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, पोटैशियम और कैल्शियम होता है। दक्षिण कोरिया में इसे केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि कैंसर से लड़ने वाले गुणों और इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर रईसों की डाइट में शामिल किया जाता है।










